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भवरदाह की भ्रामरी देवी में स्थापित ज्योत ज्वारा का जस गीतों के साथ किया गया विसर्जन

भवरदाह की भ्रामरी देवी में स्थापित ज्योत ज्वारा का जस गीतों के साथ किया गया विसर्जन
भवरदाह की भ्रामरी देवी में स्थापित ज्योत ज्वारा का जस गीतों के साथ किया गया विसर्जन
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छत्तीसगढ़ खबर डेस्क खबर 24×7 गंडई-पंडरिया// गंडई राज परिवार की कुलदेवी माता भ्रामरी देवी जो गंडई के घने जंगल भरभड़ी जंगल के अंदर भवरदाह में विराजमान है । यहां हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी ज्योत ज्वारा की स्थापना गत 21 अप्रैल को किया गया था ।

स्थापना के बाद से ही लगातार जारी रहा जस गीत और पूजा-पाठ 

स्थापना के बाद लगातार जसगीत और पूजा पाठ का आयोजन 9 दिनों तक उक्त भ्रामरी देवी में भक्तों द्वारा किया गया। वही दिनाक 29 अप्रैल सोमवार को सुबह लगभग 7 बजे जस गीतों के साथ स्थापित ज्योत ज्वारा का विसर्जन भवरदाह के पास स्थित नदी में किया गया।

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मधुमख्खीयों का है दर्जनों छाता..

भवरदाह की भ्रामरी देवी में स्थापित ज्योत ज्वारा का जस गीतों के साथ किया गया विसर्जन
 

  बता दे कि भवरदाह जंगल के अंदर नदी से लगा एक ऐसा स्थान है जहां पर मधुमक्खियों का कई दर्जन छाता है कहते है कि पौराणिक काल मे उक्त मधुमक्खियों ने राज परिवार का शत्रु से लड़ाई के दौरान कई बार साथ दिए है।

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राज परिवार की कुलदेवी 

भवरदाह की पहाड़ी में भ्रामरी देवी की मूर्ति स्थापित है जो राज परिवार की कुलदेवी है और हर वर्ष गंडई राज परिवार के युवराज लाल टारकेश्वर शाह खुशरो, लाल देवेंद्र शाह खुशरो सहित पुरे राज परिवार द्वारा राजमाता लक्ष्मीबाई एवम सुपुत्र राजा रणधीर सिंह की स्मृति में ज्योति कलश की स्थापना उक्त स्थल पर किया जाता रहा है।

उक्त भवरदाह में भ्रामरी माता सहित अन्य मूर्तिया भी स्थापित है। जो लोगो को बरबस ही अपने ओर आकर्षित करती है जिसके चलते ज्योत ज्वारा स्थापना के बाद भक्त लगातार भवरदाह आते जाते रहते है। इस ज्योत जवारा स्थापना में पारस सोनी, कृपाल सिंह, अशोक पटेल, गोवर्धन साहू, राधा रमन यदु, जीवन साहू की सराहनीय प्रयास रहा।


Rohit dewangan-gandai
रिपोर्ट : रोहित देवांगन, गंडई
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