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बारिश: इस गांव के लिए बनकर आया आफत, महानदी का जलस्तर बढऩे से गांव बना टापू

बारिश: इस गांव के लिए बनकर आया आफत, महानदी का जलस्तर बढऩे से गांव बना टापू
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बारिश: इस गांव के लिए बनकर आया आफत, महानदी का जलस्तर बढऩे से गांव बना टापू

छत्तीसगढ़ खबर डेस्क खबर 24×7 बलौदाबाजार//  छत्तीसगढ़ में लगातार हो रही बारिश ने जहां खेतों में हरियाली लाई है, वहीं कई गांवों के लिए यह आफत बनकर सामने आई है। बलौदाबाजार जिले के कसडोल विकासखंड का रीवा सरार गांव एक बार फिर बाढ़ की चपेट में आ गया है। महानदी का जलस्तर बढऩे से पूरा गांव चारों ओर से पानी से घिर गया है और टापू जैसी स्थिति बन गई है।

महानदी के किनारे बसे इस गांव में करीब 35 लोग रहते हैं। बाढ़ के कारण गांव तक पहुंचने वाले सभी रास्ते जलमग्न हो गए हैं, जिससे ग्रामीणों का तहसील मुख्यालय और आसपास के क्षेत्रों से संपर्क पूरी तरह टूट गया है। लोगों की आवाजाही बंद होने से रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना भी मुश्किल हो गया है।

ग्रामीणों का कहना है कि मानसून के दौरान यह समस्या हर वर्ष सामने आती है। नदी और नालों में उफान आने के बाद गांव चारों ओर से पानी से घिर जाता है। इस बार भी अचानक जलस्तर बढऩे से लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला।

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फसलों को भारी नुकसान

बाढ़ का सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ा है। खेतों में पानी भर जाने से फसलों को नुकसान पहुंचा है। गांव के अलग-थलग पड़ जाने से स्वास्थ्य सेवाएं, आपातकालीन सहायता और अन्य जरुरी सुविधाएं भी प्रभावित हो गई हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जरुरत पडऩे पर प्रशासनिक मदद समय पर नहीं पहुंच पाती।  बारिश: इस गांव के लिए बनकर आया आफत, महानदी का जलस्तर बढऩे से गांव बना टापू

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ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि गंगरेल बांध से पानी छोड़े जाने की पूर्व सूचना नहीं दी जाती। अचानक जलस्तर बढऩे से लोगों की जान जोखिम में पड़ जाती है। उनका कहना है कि यदि समय रहते चेतावनी मिल जाए तो नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि गांव के लिए सुरक्षित आवागमन की स्थायी व्यवस्था की जाए। बाढ़ से बचाव के ठोस उपाय किए जाएं और बांध से पानी छोड़े जाने से पहले प्रभावी चेतावनी प्रणाली लागू की जाए।

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