Fri. Jul 31st, 2026

मरीजों और परिजनों को मिलेगी राहत : कैशलेस इलाज के लिए एक घंटे में मिलेगी मंजूरी!

मरीजों और परिजनों को मिलेगी राहत : कैशलेस इलाज के लिए एक घंटे में मिलेगी मंजूरी!
खबर शेयर करें..

मरीजों और परिजनों को मिलेगी राहत : कैशलेस इलाज के लिए एक घंटे में मिलेगी मंजूरी!

नेशनल खबर डेस्क खबर 24×7 नई दिल्ली// स्वास्थ्य बीमा दावों और कैशलेस मंजूरी में देरी से जूझ रहे मरीजों और उनके परिजनों को जल्द इससे राहत मिल सकती है। सूत्रों के मुताबिक, केंद्र सरकार स्वास्थ्य बीमा कंपनियों के लिए कैशलेस मंजूरी अनुरोध को एक घंटे के भीतर और अंतिम दावा निपटान को 3 घंटे के भीतर अनिवार्य करने की योजना बना रही है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बीमा क्षेत्र के लिए भारतीय मानक ब्यूरो जैसे मानकों को लागू करने पर विचार किया जा रहा है, ताकि बीमा उद्योग के संचालन को सुव्यवस्थित किया जा सके।

 

सोशल मिडिया से जुड़ने क्लिक करें..
telegram_logo_icon_168691 whatsapp-seeklogo[1] insta-png_5957085 facebook khabar 24x7 clipart1979393

डिजिटल और पारदर्शी बनाने की है तैयारी

सूत्रों के मुताबिक, केंद्र सरकार राष्ट्रीय स्वास्थ्य दावा एक्सचेंज (एनएचसीएक्स) के माध्यम से बीमा दावा स्वीकृति और निपटान प्रक्रिया को डिजिटल और पारदर्शी बनाने की दिशा में काम कर रही है। इसमें राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण और इरडा के साथ मिलकर नए दिशा-निर्देश तैयार किए जा रहे हैं।

 

ये हैं चुनौतियां: इंश्योरेंस ब्रोकर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने कहा, नियम बनाना एक बात है, लेकिन उसे लागू करना चुनौती है। बीमाकर्ता, टीपीए और अस्पतालों के बीच समन्वय जरूरी है, तभी समय पर निपटान संभव हो पाएगा। सर्जरी की दरें पूरे देश में एक जैसी होनी चाहिए।

 

एक जैसा फॉर्म होगा सभी अस्पतालों में

बीमा दावे व आवेदन पत्रों को सरल और समझने योग्य बनाने के लिए एक पेशेवर एजेंसी की मदद से मानकीकृत प्रारूप तैयार करने की भी योजना है। यानी सभी अस्पतालों में एक जैसा फॉर्म होगा। इससे बीमाकर्ता समय पर और पूरी राशि का भुगतान कर सकेंगे।मरीजों और परिजनों को मिलेगी राहत : कैशलेस इलाज के लिए एक घंटे में मिलेगी मंजूरी!

इरडा ने जारी किये थे दावों के तुरंत निपटारे का दिशा निर्देश 

इरडा ने वर्ष 2024 में ही बीमा दावों के तुरंत निपटारे के लिए दिशा-निर्देश जारी किए थे, लेकिन दावों की बढ़ती संख्या के कारण बीमा कंपनियां इन नियमों का पालन करने में विफल रही हैं।

अधिकारी ने कहा कि कई मामलों में बीमा कंपनियों ने 100% कैशलेस दावों को खारिज या अस्वीकार किया है। यदि नियमों को सख्ती से लागू किया जाए और निपटान प्रक्रिया को मानकीकृत किया जाए तो लोगों का हैल्थ इंश्योरेंस पर भरोसा बढ़ेगा।

Patients and their families will get relief: Approval for cashless treatment will be received within an hour!




खबर शेयर करें..

Related Post

error: आपका बहुत-बहुत धन्यवाद !!
Study point, kcg