जर्जर पंचायत भवन अचानक भरभराकर गिरा, बाल-बाल बचे सरपंच-सचिव मलबे में दबा सरकारी रिकॉर्ड
छत्तीसगढ़ खबर डेस्क खबर 24×7 खैरागढ़। ग्राम पंचायत कुकुरमुड़ा में उस वक्त बड़ा हादसा टल गया, जब वर्षों से जर्जर पंचायत भवन अचानक भरभराकर नीचे गिर गया। हादसे के समय पंचायत भवन के अंदर सरपंच और सचिव मौजूद थे। भवन का एक छोटा हिस्सा अचानक नीचे गिरा, जिसे देखकर सरपंच और सचिव तत्काल बाहर निकल आए। उनके बाहर निकलने के महज कुछ ही देर बाद पूरा भवन धराशायी हो गया। गनीमत रही कि इस हादसे में किसी तरह की जनहानि नहीं हुई।
बताया जा रहा है कि ग्राम पंचायत कुकुरमुड़ा का यह पंचायत भवन वर्ष 2008 में बनवाया गया था। निर्माण के बाद लंबे समय तक इस्तेमाल होने के चलते भवन की हालत धीरे-धीरे खराब होती चली गई। भवन की दीवारों और अन्य हिस्सों में जर्जरता साफ दिखाई दे रही थी। ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों की ओर से लंबे समय से नए पंचायत भवन के निर्माण अथवा पुराने भवन को हटाकर नया भवन बनाने की मांग की जा रही थी, लेकिन मांग पर समय रहते ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी।

सोमवार को पंचायत का कामकाज सामान्य रूप से चल रहा था। इसी दौरान भवन का एक हिस्सा अचानक नीचे गिर गया। अंदर मौजूद सरपंच और सचिव को जैसे ही खतरे का अंदेशा हुआ, वे तत्काल बाहर निकल आए। उनके बाहर आने के कुछ ही क्षण बाद पूरा भवन भरभराकर गिर पड़ा। अगर दोनों समय रहते बाहर नहीं निकलते तो बड़ा हादसा हो सकता था।

भवन गिरने से पंचायत में रखा महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेज और रिकॉर्ड भी मलबे की चपेट में आ गया, जिससे पंचायत के कामकाज पर असर पड़ने की आशंका है। अब पंचायत के सामने सबसे बड़ी चुनौती मलबे से दस्तावेजों को सुरक्षित निकालने और जो रिकॉर्ड खराब हो चुका है, उसे व्यवस्थित करने की है।
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ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत भवन की जर्जर हालत को लेकर लंबे समय से चिंता बनी हुई थी। कई वर्षों से नए भवन की मांग किए जाने के बावजूद भवन को समय रहते खाली नहीं कराया गया। आखिरकार जर्जर भवन ने जवाब दे दिया और देखते ही देखते पूरी इमारत मलबे में तब्दील हो गई।![]()

फिलहाल राहत की सबसे बड़ी बात यही है कि हादसे में किसी की जान नहीं गई। लेकिन यह घटना सरकारी भवनों की सुरक्षा और समय पर मरम्मत अथवा पुनर्निर्माण की व्यवस्था पर सवाल जरूर खड़े करती है। ग्रामीण अब मांग कर रहे हैं कि पंचायत के लिए जल्द से जल्द नए भवन की व्यवस्था की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो।
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