Mon. Jun 15th, 2026

नायब तहसीलदार सस्पेंड : भूमि विवाद में असली जमीन मालिक को सुने बिना ही हटा दिया नाम

Suspension
खबर शेयर करें..

नायब तहसीलदार सस्पेंड : भूमि विवाद में असली जमीन मालिक को सुने बिना ही हटा दिया नाम

CG Naib Tahsildar Suspended: छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ जिले में तत्कालीन पदस्थ नायब तहसीलदार की खोर लापरवाही सामने आई है। जिसमें दुर्ग कमिश्नर ने तत्कालीन नायब तहसीलदार रश्मि दुबे को सस्पेंड कर दिया है। नायब तहसीलदार पर आरोप है कि उन्होंने एक भूमि विवाद में असली जमीन मालिक को सुने बिना ही उसका राजस्व रिकॉर्ड से नाम हटा दिया और दूसरों का नाम चढ़ा दिया।

[masterslider id="11"]

 

सोशल मिडिया से जुड़ने क्लिक करें.. Slider is not published yet and saved as "draft"

खैरागढ़ में जमीन मामले में हुए आदेश ने तहसील से लेकर संभाग मुख्यालय तक हड़कंप मचा दिया है। मामले में खैरागढ़ की तत्कालीन नायब तहसीलदार रश्मि दुबे को कमिश्नर सत्य नारायण राठौर ने चार सितंबर को निलंबित कर दिया।

 

कमिश्नर से शिकायत के बाद कार्रवाई

नायब तहसीलदार रश्मि दुबे ने खैरागढ़ में पोस्टिंग के दौरान भूमि विवाद में ऐसा आदेश पारित किया, जिसमें असली भूमिधारी को सुने बिना ही रिकॉर्ड से उसका नाम हटा दिया और दूसरों का नाम चढ़ा दिया। मामला खैरागढ़ के खसरा नंबर 163, जिसका रकबा 0.214 हेक्टेयर का है। अभिलेखों के मुताबिक, यह जमीन वर्ष 1968-69 से अश्वनी पिता रामाधीन के नाम दर्ज है। इस विवाद की शिकायत भी अश्वनी ने ही सीधे कमिश्नर से की थी।Suspension

 

दो महीने में ही कर दिया आदेश

मामले की जांच में सामने आया कि 2021 में नायब तहसीलदार रश्मि दुबे ने केवल दो महीने के भीतर आदेश जारी कर दिया। इसमें न तो भूमि मालिक अश्वनी को पक्षकार बनाया गया और ना ही सुनवाई का मौका दिया गया। कब्जे के आधार पर स्वामित्व तय कर दिया गया, जबकि कानून कहता है कि यह राजस्व न्यायालय के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता।




खबर शेयर करें..

Related Post

error: आपका बहुत-बहुत धन्यवाद !!
Study point, kcg