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ऑस्ट्रेलियाई शोध में बड़ा खुलासा, अनाज और सब्जियों पर प्लास्टिक के अंश, सेहत को कर सकता है प्रभावित

ऑस्ट्रेलियाई शोध में बड़ा खुलासा, अनाज और सब्जियों पर प्लास्टिक के अंश, सेहत को कर सकता है प्रभावित
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ऑस्ट्रेलियाई शोध में बड़ा खुलासा, अनाज और सब्जियों पर प्लास्टिक के अंश, सेहत को कर सकता है प्रभावित

अंतराष्ट्रीय खबर डेस्क खबर 24×7 कैनबरा // हमारे खेतों की मिट्टी में प्लास्टिक की बढ़ती मौजूदगी अब सिर्फ पर्यावरण नहीं, हमारी थाली के लिए भी खतरे की घंटी बनती दिख रही है। एक नए वैज्ञानिक अध्ययन में सामने आया है कि माइक्रो और नैनोप्लास्टिक गेहूं और टमाटर जैसे खाद्य पौधों के भीतर तक पहुंच सकते है और उनकी बढ़त व सेहत को प्रभावित कर सकते हैं।

गेंहू और टमाटर पौधे पर हुआ अध्ययन 

ऑस्ट्रेलिया की ग्रिफिथ यूनिवर्सिटी से जुड़े वैज्ञानिकों ने खेत जैसी असल परिस्थितियों में गेहूं और टमाटर के पौधों पर यह अध्ययन किया। अध्ययन में पाया गया कि टमाटर पर इसका असर सबसे ज्यादा पड़ा है।

प्लास्टिक के बढ़ते संपर्क में पौधे की बढ़त 67 फीसदी तक घट गई। इसी तरह जड़ों की लंबाई में 47 फीसदी और वजन में 82 फीसदी तक की गिरावट दर्ज की गई। हालांकि गेहूं अपेक्षाकृत कम प्रभावित रहा, लेकिन उसकी जड़ों की लंबाई और बायोमास में भी उल्लेखनीय गिरावट आई।ऑस्ट्रेलियाई शोध में बड़ा खुलासा, अनाज और सब्जियों पर प्लास्टिक के अंश, सेहत को कर सकता है प्रभावित

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अध्ययन बताता है कि बड़े माइक्रोप्लास्टिक कण जड़ों में फंस जाते हैं। वहीं, सूक्ष्म नैनोप्लास्टिक पौधों के भीतर घुसकर जड़ से पत्तियों तक पहुंच सकते हैं। खास तौर पर कपड़ों से निकलने वाले रेशेदार प्लास्टिक जड़ों को जाम कर पोषक तत्वों का प्रवाह बाधित करते हैं।

पुराना प्लास्टिक, ज्यादा घातक

प्लास्टिक के पुराने, घिसे-पिटे कण पौधों में ज्यादा आसानी से प्रवेश करते हैं, जबकि प्लास्टिक के नए कण उतने प्रभावी नहीं होते। समय के साथ प्लास्टिक की सतह बदल जाती है, जिससे वह मिट्टी और जड़ों के साथ ज्यादा चिपकने लगता है

माइक्रोप्लास्टिक से ज्यादा नैनो प्लास्टिक खतरनाक

विशेषज्ञों के मुताबिक, प्लास्टिक का वोहरा असर हो रहा है। एक तरफ ये जड़, तने को पार करते हुए पत्तियों, गेहूं और अनाज तक पहुंच सकते हैं। यानी जो प्लास्टिक मिट्टी में है, वह सीधे हमारे भोजन का हिस्सा बन सकता है। साथ ही प्लास्टिक के कारण जड़ों के छोटे जाने का सीधा असर पौधों की सेहत पर पड़ता है। इसकी वजह से वे कम पानी और पोषक तत्व ग्रहण रह कर पाते हैं, जिससे पौधों की वृद्धि और उत्पावन क्षमता दोनों ही प्रभावित होती हैं।

Australian research reveals plastic particles in grains and vegetables can affect health.source : patrika




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