खेत में करंट लगने से किसान की मौत, दो घायल; बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप
छत्तीसगढ़ खबर डेस्क खबर 24×7 खैरागढ़। खैरागढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम पिपलाकछार में खेत में रोपा लगाने के दौरान करंट लगने से एक किसान की मौत हो गई, जबकि दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों ने बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है।
जानकारी के अनुसार, खेत में खंभे से टूटकर गिरा बिजली का तार करंट प्रवाहित कर रहा था। रोपा लगाने के दौरान धनसाय पटेल इसकी चपेट में आ गए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं चंपा साहू और सीमनदास साहू भी करंट की चपेट में आकर घायल हो गए। दोनों का इलाज खैरागढ़ के सिविल अस्पताल में जारी है।

ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली का तार करीब दो महीने पहले टूट गया था। इसकी शिकायत पांडादाह वितरण केंद्र में कई बार की गई, लेकिन विभाग ने समय रहते सुधार कार्य नहीं कराया। ग्रामीणों का कहना है कि यदि शिकायत पर तत्काल कार्रवाई की जाती तो यह हादसा टाला जा सकता था।![]()
वहीं, हादसे के बाद परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में लोग विद्युत वितरण केंद्र पान पहुंच गए और बिजली विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई, मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा तथा घायलों के समुचित इलाज की मांग को लेकर प्रदर्शन करने लगे।

स्थिति को देखते हुए खैरागढ़ थाना प्रभारी अनिल शर्मा अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाइश देकर हालात को नियंत्रित करने में जुट गई। फिलहाल क्षेत्र में स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि बिजली विभाग ने दो माह पहले की गई शिकायत पर गंभीरता से कार्रवाई की होती तो यह दर्दनाक हादसा टाला जा सकता था। पुलिस मामले की जांच कर रही है, वहीं ग्रामीण दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए हैं।
घटना के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण पांडादाह विद्युत उपकेंद्र पहुंच गए और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए प्रदर्शन किया। सूचना पर एसडीएम और पुलिस मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने एसडीएम को लिखित शिकायत सौंपकर दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।

इधर, विद्युत विभाग के अधिकारी एस के दुबे ने कहा कि उन्हें घटना की जानकारी मिली है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार अर्थ फॉल्ट की शिकायत पहले की गई थी, लेकिन समय पर सुधार कार्य नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही या पैसे की मांग जैसी बात सामने आती है तो संबंधित दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए निलंबन तक की कार्रवाई की जाएगी।
आगे अपडेट जारी है..



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