Wed. Aug 12th, 2026

इस महीने से शुरू हो जाएगा सुहाना सफर.. ट्रायल के लिए दौड़ी मेरठ मेट्रो

इस महीने से शुरू हो जाएगा सुहाना सफर.. ट्रायल के लिए दौड़ी मेरठ मेट्रो
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इस महीने से शुरू हो जाएगा सुहाना सफर.. ट्रायल के लिए दौड़ी मेरठ मेट्रो

 राष्ट्रीय खबर डेस्क खबर 24×7 मेरठ // मेरठ मेट्रो से सफर करने वाले यात्रियों के लिए अच्छी खबर है. अब अगले महीने यानी फरवरी से वे मेरठ साउथ से मेरठ सेंट्रल स्टेशन के बीच मेट्रो ट्रेन से सफर कर सकेंगे. राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (NCRTC) ने रविवार को यहां ट्रायल रन आरंभ कर दिया. ट्रायल रन की इस प्रक्रिया में मेरठ साउथ से मेरठ सेंट्रल स्टेशन के ठीक पहले तक मेरठ मेट्रो की कई ट्रेनों को अलग-अलग गति पर चला कर देखा गया.

NCRTC अधिकारियों के अनुसार, ट्रायल रन की प्रक्रिया में मेरठ मेट्रो की ट्रेनों का ट्रैक और ट्रैक्शन के साथ परीक्षण किया जा रहा है. इस दौरान ट्रेन कंट्रोल मैनेजमेंट सिस्टम (TCMS) के तहत शुरू में मैन्यूअल तरीके से ट्रेन को ऑपरेट किया जा रहा है. इस दौरान मेट्रो ट्रेन को मेरठ साउथ स्टेशन से धीमी रफ्तार में मेरठ सेंट्रल के भूमिगत खंड से ठीक पहले तक लाया गया. वापसी में इसकी रफ्तार थोड़ा बढ़ाकर मेरठ साउथ वापस ले जाया गया. इन ट्रेनों को 40 किमी प्रति घंटे से लेकर 135 किमी प्रति घंटे की गति से चला कर इनका परीक्षण किया जा रहा है. इस महीने से शुरू हो जाएगा सुहाना सफर.. ट्रायल के लिए दौड़ी मेरठ मेट्रो

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मेरठ मेट्रो के लिए 3 कोच वाले 12 ट्रेन सेट का निर्माण गुजरात के सावली स्थित मैन्यूफैक्चरिंग प्लांट में किया गया है. इनमें से 10 ट्रेन सेट दुहाई स्थित डिपो पहुंच चुके हैं. मेरठ मेट्रो के डिजाइन में यात्रियों के लिए अधिकतम आराम, सुरक्षा और संरक्षा को प्राथमिकता दी गई है. ट्रेनें वातानुकूलित हैं, जिनमें एर्गोनॉमिक रूप से डिजाइन की गई 2×2 ट्रांसवर्स और लंबवत (लांगिट्यूडनली) बैठने की व्यवस्था है. इनमें सामान रखने की रैक, ग्रैब हैंडल, यूएसबी डिवाइस चार्जिंग सुविधा और यात्रियों के लिए आवश्यक कई अन्य सुविधाएं हैं.

 इस महीने से शुरू हो जाएगा सुहाना सफर.. ट्रायल के लिए दौड़ी मेरठ मेट्रो

 

भारत में पहली बार सेमी हाई स्पीड नमो भारत ट्रेनों के इंफ्रास्ट्रक्चर पर ही मेरठ मेट्रो का परिचालन किया जाएगा. मेरठ मेट्रो कॉरिडोर की कुल लंबाई 23 किलोमीटर है, जिसमें 18 किमी एलिवेटेड और 5 किमी हिस्सा अंडरग्राउंड है. इसके लिए 3 भूमिगत स्टेशन समेत कुल 13 स्टेशन बनाए जा रहे हैं. इनके नाम मेरठ साउथ, परतापुर, रिठानी, शताब्दी नगर, ब्रह्मपुरी, मेरठ सेंट्रल, भैंसाली, बेगमपुल, एमईएस कॉलोनी, दौरली, मेरठ नॉर्थ, मोदीपुरम और मोदीपुरम डिपो है. इनमें से मेरठ साउथ, शताब्दी नगर, बेगमपुल और मोदीपुरम स्टेशनों पर नमो भारत और मेरठ मेट्रो, दोनों सेवाएं उपलब्ध होंगी. मेरठ सेंट्रल, भैंसाली और बेगमपुल अंडरग्राउंड स्टेशन हैं, बाकी स्टेशन एलिवेटेड होंगे.

मेरठ मेट्रो के सभी स्टेशन आकार ले चुके हैं. इनका सिविल निर्माण कार्य लगभग पूरा हो गया है. इनमें से परतापुर और रिठानी मेट्रो स्टेशनों पर तो ओएचई का कार्य भी पूर्ण हो गया है और वहां फिनिशिंग कार्य किया जा रहा है. शताब्दी नगर स्टेशन तक पीएसडी लगाए जा चुके हैं और लाइटिंग की व्यवस्था भी हो गई है. अंडरग्राउंड सेक्शन के मेरठ सेंट्रल, भैंसाली और बेगमपुल स्टेशन अपने आकार में आ चुके हैं. इनकी फिनिशिंग का कार्य भी गति से प्रगति कर रहा है. NCRTC का लक्ष्य है कि इस साल तक पूरे मेरठ मेट्रो कॉरिडोर को जनता के लिए परिचालित कर दिया जाए.

A pleasant journey will begin from this month… Meerut Metro ran for trial.. .source




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