पोस्ट ऑफिस में भारतीयों का जमा ₹22 लाख करोड़ के पार
🔻सेविंग: सुकन्या समृद्धि में 2.27 लाख करोड़
खबर 24×7 नई दिल्ली // पोस्ट ऑफिस सिर्फ चिट्ठियां भेजने का माध्यम नहीं रहा, बल्कि देश के करोड़ों लोगों के लिए भरोसेमंद बैंकिंग विकल्प बन चुका है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक, पोस्ट ऑफिस सेविंग्स अकाउंट्स में लोगों की कुल जमा राशि 22 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गई है और पोस्ट ऑफिस खातों की संख्या लगभग 38 करोड़ है, जो दर्शाती है कि ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों में पोस्ट ऑफिस पर लोगों का भरोसा बेहद मजबूत है।
सामान्य बचत ही नहीं, सरकारी योजनाओं में भी लोगों ने बड़ी रकम जमा की है। खास तौर पर सुकन्या समृद्धि योजना जो बेटियों की पढ़ाई और भविष्य के लिए बनाई गई है, इसमें करीब 3.8 करोड़ खाते खोले जा चुके हैं और जमा राशि 2.27 लाख करोड़ रुपए है।
डाक विभा में खर्च ज्यादा, कमाई कम
हालांकि डाक विभाग अभी भी वित्तीय संतुलन की चुनौती से जूझ रहा है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, विभाग का वार्षिक खर्च लगभग 35,000 करोड़ रुपए है, जबकि इनकम करीब 13,000 करोड़ रुपए के आसपास है। कुछ राज्यों में तो खर्च आय से कई गुना ज्यादा है। ![]()

पोस्ट ऑफिस की योजनाएं सरकारी गारंटी के साथ आती हैं, इसलिए जोखिम कम माना जाता है। यही वजह है कि बुजुर्ग, ग्रामीण परिवार और छोटे निवेशक बड़े पैमाने पर यहां पैसा जमा करते हैं। देशभर में करीब 1.65 लाख पोस्ट ऑफिस और लगभग 45 लाख कर्मचारी हैं।


