नालियों में बजबजा रही गंदगी,नहीं हो रही नियमित सफाई, बदबू से परेशान आम जनता
0 डिस्पोजल, शीशी, चखना पाउच और पानी बाटल से पटा है नाली0 निकाय क्षेत्र में ओडीएफ की टीम भी कर रही है सर्वे का कार्य |
छत्तीसगढ़ खबर डेस्क खबर 24×7 गंडई पंडरिया // केंद्र सरकार द्वारा चलाये जा रहे स्वच्छ भारत मिशन के बावजूद नगर पंचायत गंडई के बस स्टैंड में शीतल पेय जल के समीप बने नालियों में नियमित सफाई न होना चिंताजनक बनी हुई है, बस स्टैंड होने के कारण आम राहगीरों का हमेशा आना जाना लगा रहता है।
नालियों में कचरा का जमावड़ा, प्लास्टिक ज्यादा
बता दे कि एक समाजसेवी के द्वारा शीतल पेयजल का निर्माण निकाय के सौजन्य से वर्षो पहले कराया गया था, जहां लोग एवं व्यापारी पानी पीने के लिए आते जाते रहते है, साथ ही यहां पर महिला और पुरुष के लिए मूत्रालय निकाय द्वारा बनाया गया है। इसी के पास स्थित नालियों में कचरा का जमावड़ा देखने को मिल रहा है, इस नाली पर शीशी, पानी बाटल और डिस्पोजल सहित चखने की तमाम पाउच प्लास्टिक नालियों में तैरते नजर आ रही है, जो गलता भी नहीं और यहां कचड़े के कारण पानी का बहाव उक्त नालियों में नही हो पा रहा है।
स्थाई कचरा बन रहा दुर्गन्ध का कारण
कचरा नालियों में स्थायी हो जाने के कारण दुर्गंध आने लगा है जिसके कारण लोगों का चलना मुश्किल हो गया है लोगों का कहना है कि नगर पंचायत के अधिकारी और कर्मचारी की उदासीनता के कारण सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप्प है।

नगरीय क्षेत्र में सफाई व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए कचड़ा वाहन तो वार्डो तक पहुंच रहा है, लेकीन कचरा उठाने के अलावा वार्डो व नालियों में नियमित साफ सफाई नही होने से गंदगी का आलम पसरा हुआ है, नालियों की नियमित सफाई न होने से कचरा जमा हो जाता है और सड़न के कारण भयंकर बदबू आती है, जिससे बिमारिया फैलने का खतरा अक्सर बढ़ जाता है।
मच्छरों से होने वाले बीमारियों का डर
वार्डो के गली मोहल्लों में नालियों की सफाई यदा कदा किया जाता है परंतु सफाई का ओचित्य तक तक नही है जब तक नालियों की सफाई के बाद ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव नही किया जाता है, इसके कारण नालियों से बदबू आती है, सफाई के बाद भी मच्छरों का प्रकोप कम होने का नाम नहीं ले रहा है, जबकि मच्छरों के बढ़ने से लोगों को मच्छरों से होने वाली बीमारियों का डर सता रही है।![]()
नालियों से मलबा निकाल सूखने के इंतजार में छोड़ देते है कर्मचारी
प्रायः देखा जा रहा है कि निकाय क्षेत्र में बने नालियों की सफाई कर मलबा (कचरे) को नालियों के समीप सूखने के लिए छोड़ दिया जाता हैं, वही कचड़ा फिर से सुख कर एवम हवा के झोको से वापस नालियों में चले जाते है, जिसके कारण समस्या जस की तस बनी रहती है।
खबर पर सफाई : बीच-बीच में की जाती है नालियों की सफाई
नालियों की बीच बीच में सफाई कराई जाती है, बस स्टेंड के समीप नालियों में लोगो के द्वारा कचड़े को उसी नाली में डाल दिया जाता है, जो गलत है, फिर भी सफाई करा देंगे।
सीएमओ अविनाश देवांगन

विज्ञापन के लिए सम्पर्क करें.. 7415791636


