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फ्लू डस्ट की आड़ में बड़ा खेल: तीन महीने में 3600 टन लौह स्क्रैप चोरी बीएसपी को 14.40 करोड़ की चपत

फ्लू डस्ट की आड़ में बड़ा खेल: तीन महीने में 3600 टन लौह स्क्रैप चोरी बीएसपी को 14.40 करोड़ की चपत
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फ्लू डस्ट की आड़ में बड़ा खेल: तीन महीने में 3600 टन लौह स्क्रैप चोरी बीएसपी को 14.40 करोड़ की चपत

छत्तीसगढ़ खबर डेस्क खबर 24×7 भिलाई // भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) में फ्लू डस्ट की आड़ में बड़े पैमाने पर लौह स्क्रैप चोरी का मामला सामने आया है। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि

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पिछले तीन महीनों से रोजाना ट्रकों के जरिए भारी मात्रा में लोहा प्लांट से बाहर निकाला जा रहा था। चालकों की पूछताछ के आधार पर पुलिस का अनुमान है कि करीब 3600 टन लौह स्क्रैप चोरी कर बाजार में खपाया गया, जिससे बीएसपी को लगभग 14 करोड 40 लाख रुपए का नुकसान हुआ है।

 

मामले की गंभीरता को देखते हुए दुर्ग एसएसपी विजय अग्रवाल ने विशेष जांच टीम गठित की है। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क में शामिल ट्रांसपोर्टर, खरीदारों और बीएसपी के अंदरूनी कर्मचारियों की भूमिका की जांच कर रही है।

 

एएसपी सुखनंदन राठौर ने शुक्रवार को मामले का खुलासा करते हुए बताया कि पुलिस ने 250 टन लौह स्क्रैप और कई भारी वाहनों को जब्त किया है। मामले में मीथेन ठाकुर, चिंतानंद साहू, दीतेश वर्मा और निर्मल सिंह को गिरफ्तार कर धारा 303(2), 317(4) और 3(5) के तहत कार्रवाई की गई है। आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।

एक दिन में 18 ट्रकों में भरा गया लोहा

एक चालक ने पुलिस को बताया कि एक दिन 20 गाड़ियां प्लांट के भीतर पहुंची थीं, जिनमें से 18 ट्रकों में लौह स्क्रैप लोड किया गया। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि चोरी का यह नेटवर्क काफी संगठित तरीके से संचालित हो रहा था।

प्रतिदिन दो गाड़ियों से निकलता था 40 टन लोहा

पुलिस पूछताछ में चालकों ने बताया कि ट्रांसपोर्टर संजय सिंह की चार गाड़ियां नियमित रूप से लगाई जाती थीं। परिस्थितियों के अनुसार वाहनों की संख्या बढ़ा दी जाती थी। औसतन रोज दो गांड़ियों से करीब 40 टन लौह स्क्रैप बाहर निकाला जाता था। इस हिसाब से हर महीने करीब 1200 टन और तीन महीने में 3600 टन लोहा चोरी कर लिया गया। चालकों ने बताया कि 10 चक्का ट्रकों की क्षमता 25 टन होती थी। इनमें ऊपर से करीब पांच टन फ्लू डस्ट भरा जाता था, जबकि नीचे 20 टन तक लौह स्क्रैप लोड किया जाता था। बड़े वाहनों में 30 से 32 टन तक लोहा भरे जाने की बात भी सामने आई है।

सीआईएसएफ पेट्रोलिंग भी सवालों के घेरे में

बीएसपी के अंदर सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाल रही सीआईएसएफ की पेट्रोलिंग व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक जिस क्षेत्र से फ्लू डस्ट और लौह स्क्रैप बाहर निकाला जा रहा था, वहां सीसीटीवी कैमरे तक नहीं लगे थे। लगातार हो रही चोरी के बावजूद सुरक्षा एजेंसियों को इसकी जानकारी नहीं होना कई संदेह पैदा कर रहा है।

प्लांट के भीतर बिना मिलीभगत के संभव नहीं चोरी 

पुलिस ने बीएसपी के गेटों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। वहीं संबंधित अधिकारियों और सुरक्षा एजेंसियों से जवाब मांगा गया है। जांच का फोकस इस बात पर है कि आखिर इतनी बड़ी मात्रा में लोहा प्लांट से बाहर कैसे निकलता रहा और किसी को भनक तक नहीं लगी।फ्लू डस्ट की आड़ में बड़ा खेल: तीन महीने में 3600 टन लौह स्क्रैप चोरी बीएसपी को 14.40 करोड़ की चपत पुलिस का मानना है कि प्लांट के भीतर बिना मिलीभगत के इस तरह की चोरी संभव नहीं है। एसएमएस 3 और फ्लू डस्ट लोडिंग पॉइंट पर तैनात अधिकारियों, सुरक्षा कर्मियों और मुख्य गेट पर ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों से पूछताछ की जाएगी।




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