खाद संकट पर किसानों ने किया चक्काजाम, प्रशासन के खिलाफ खोला मोर्चा
छत्तीसगढ़ खबर डेस्क खबर 24×7 छुईखदान // खरीफ सीजन की शुरुआत के साथ ही क्षेत्र में उर्वरकों की कमी ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। यूरिया और डीएपी खाद की लगातार बनी हुई किल्लत के विरोध में ग्राम पैलीमेटा में किसानों का आक्रोश मंगलवार को खुलकर सामने आया।
खाद की अनुपलब्धता से परेशान किसानों ने जिला पंचायत सदस्य निर्मला विजय वर्मा, कांग्रेस जिला महामंत्री लाल रोहित सिंह पुलस्त्य व जनपद सदस्य प्रेम लाल साहू के नेतृत्व में धरना-प्रदर्शन करते हुए चक्काजाम किया और शासन-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। किसानों ने मांग की कि कृषि कार्यों के लिए आवश्यक उर्वरकों की तत्काल उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि बुवाई और अन्य कृषि कार्य प्रभावित न हों।
प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में किसान सड़क पर उतर आए और खाद वितरण व्यवस्था में सुधार की मांग करते हुए प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया। किसानों का कहना था कि वे कई दिनों से सहकारी समितियों और वितरण केंद्रों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध नहीं हो पा रही है। इससे खेती-किसानी के कार्य प्रभावित हो रहे हैं और समय पर बुवाई नहीं होने की आशंका बढ़ गई है।

विधायक यशोदा वर्मा भी पहुंची दिया समर्थन
किसानों के आंदोलन को समर्थन देने खैरागढ़ विधायक यशोदा नीलांबर वर्मा भी मौके पर पहुंचीं। उन्होंने किसानों की समस्याएं सुनीं और उनके साथ धरना स्थल पर बैठकर आंदोलन का समर्थन किया। विधायक ने प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदेश का अन्नदाता आज खाद और बीज जैसी मूलभूत जरूरतों के लिए भटकने को मजबूर है, जो बेहद चिंताजनक स्थिति है।
उन्होंने कहा, “किसान इस समय सबसे कठिन दौर से गुजर रहा है। खेती का मौसम शुरू हो चुका है, लेकिन खाद की उपलब्धता नहीं होने से किसानों की परेशानी लगातार बढ़ रही है। सरकार और प्रशासन को प्राथमिकता के आधार पर यूरिया और डीएपी की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करनी चाहिए।

खाली हाथ लौटना पड़ रहा किसानों को
इस दौरान जिला पंचायत सदस्य निर्मला विजय वर्मा ने कहा कि किसानों को खाद के लिए लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है और कई केंद्रों से उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। उन्होंने कहा, “किसानों को खाद के लिए भटकना पड़ना प्रशासनिक विफलता का स्पष्ट उदाहरण है। जब खेती का सबसे महत्वपूर्ण समय चल रहा है, तब उर्वरकों की कमी स्वीकार्य नहीं है। किसानों की मांग पूरी तरह जायज है और जब तक उन्हें पर्याप्त खाद उपलब्ध नहीं कराई जाती, तब तक उनकी आवाज मजबूती से उठाई जाती रहेगी।”
प्रदर्शन के दौरान किसानों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही खाद संकट का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। वहीं प्रशासन द्वारा स्थिति पर नजर बनाए रखने और आवश्यक आपूर्ति सुनिश्चित करने की बात कही जा रही है। क्षेत्र के किसानों को अब शासन-प्रशासन से त्वरित कार्रवाई और खाद की सुचारु उपलब्धता का इंतजार है।


