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मुख्यमंत्री के आगमन से प्रशासन हुआ सजग..गहननिद्रा से जागे कई विभाग

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छत्तीसगढ़ खबर डेस्क खबर 24×7 अम्बागढ़ चौकी। नवगठित जिला मोहला मानपुर अम्बागढ़ चौकी के उद्घाटन समारोह के बाद से प्रदेश के मुखिया भूपेश बघेल का यह दूसरी बार आगमन है जिसे लेकर प्रशासनिक तैयारी जोरों पर दिख रही है।

इसके लिए आला अधिकारियों द्वारा बैठकों का दौर जारी है तो वही क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों के अलावा कांग्रेसी कार्यकर्ताओं द्वारा किसी प्रकार की होने वाली कमियों के जायजा लिया जा रहा है वही काफी समय से सोये हुए कुछ विभाग भी मुख्यमंत्री के आने की आहट पाकर गहननिद्रा से जागकर अब काम करते नजर आ रहे है जिन्हें देखकर ये अंदाजा भी लगा पाना मुश्किल हो गया था की काम इस तरह भी होता है।

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मुखिया के आगमन से विभागों में सालों से पड़े गंदगी को साफ किया जा रहा है तो कही गढ्ढो को भर सड़क को ठीक किया जा रहा है जिसे देखकर लोगो के मन मे कई सारे सवाल है। की ऐसे कई बार आवेदन निवेदन करने के बावजूद काम नही होता है पर ये सब कैसे हो रहा है। तो किसी ने कहा कि मुख्यमंत्री आ रहे है। इसलिए सब ठीक किया जा रहा है और यह सब देख सुन आम आम आदमी ने कहा कि मुख्यमंत्री जी अगर आपके आने से ही काम होता है तो कम से महीने छ महीने में आते जाते रहो तो कम कम क्षेत्र की स्थिति ही कुछ और हो जाएगी।

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रिपोर्ट : आशीष कसार,अम्बागढ़ चौकी
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खैरागढ़ में चैत्र नवरात्र की तैयारी पूरी, कल होगी ज्योति कलश स्थापना खैरागढ़। नगर सहित पूरे क्षेत्र के देवी मंदिरों में चैत्र नवरात्र को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। बुधवार से प्रारंभ हो रहे वासंती नवरात्रि के अवसर पर शहर के प्रमुख मां दंतेश्वरी माता मंदिर, मां शीतला मंदिर सहित सभी देवी मंदिरों में ज्योति कलश की स्थापना की जाएगी। मां दंतेश्वरी मंदिर के पुजारी डॉ. मंगलानंद झा ने बताया कि यह मंदिर खैरागढ़ का सबसे प्राचीन देवी मंदिर है, जहां हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु नवरात्रि के दौरान पहुंचते हैं। उन्होंने बताया कि चैत्र प्रतिपदा से हिंदू नववर्ष की भी शुरुआत होती है और इस बार विक्रम संवत 2083 का नाम ‘रुद्र’ संवत्सर रहेगा। उन्होंने नवरात्रि के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वर्ष में चार नवरात्रि होती हैं, लेकिन आश्विन और चैत्र नवरात्रि विशेष रूप से प्रमुख मानी जाती हैं। चैत्र नवरात्रि को वासंती नवरात्रि भी कहा जाता है। मुहूर्त को लेकर फैली भ्रांतियों पर उन्होंने स्पष्ट किया कि ज्योति प्रज्वलन का कोई विशेष मुहूर्त नहीं होता, बल्कि कलश स्थापना, नवग्रह, गौरी-गणेश, सप्तमातृका, षोडश मातृका और योगिनी की स्थापना के लिए निश्चित समय होता है। मां दंतेश्वरी मंदिर में दोपहर 12 बजे से 1 बजे के बीच विधिवत पूजा-अर्चना के साथ कलश स्थापना की जाएगी। इसके बाद शाम के समय श्रद्धालु अपने नाम से स्थापित ज्योति कलश प्रज्वलित करेंगे। मंदिर प्रबंधन के अनुसार मां दंतेश्वरी मंदिर में इस वर्ष करीब 330 ज्योति कलश स्थापित किए जाएंगे, जबकि इतवारी बाजार स्थित मां शीतला मंदिर में लगभग 250 ज्योति कलश स्थापित होंगे। खास बात यह है कि मां दंतेश्वरी मंदिर में देश ही नहीं, बल्कि विदेशों से भी श्रद्धालु अपनी आस्था के अनुसार ज्योति प्रज्वलित करवाते हैं। अबू धाबी, जर्मनी और कनाडा जैसे देशों में रह रहे श्रद्धालु भी मंदिर से जुड़े रहते हैं और नवरात्रि में अपनी सहभागिता निभाते हैं। चैत्र नवरात्रि को लेकर पूरे खैरागढ़ में भक्ति और उत्साह का माहौल देखा जा रहा है।