Wed. Jul 15th, 2026

पनीर सेम्पल फ़ूड लैब में हुआ फेल, 6 लाख का हुआ जुर्माना

पनीर सेम्पल फ़ूड लैब में हुआ फेल, 6 लाख का हुआ जुर्माना Paneer sample fails food lab test, fined Rs 6 lakh
खबर शेयर करें..

पनीर सेम्पल फ़ूड लैब में हुआ फेल, 6 लाख का हुआ जुर्माना

छत्तीसगढ़ खबर डेस्क खबर 24×7 राजनांदगाव // खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम की आधारों का उल्लंघन करने तथा खाद्य पदार्थ सुरभि स्पांज पनीर का नमूना अवमानक एवं मिथ्याछाप होने पर 6 लाख रूपए का अर्थदण्ड अधिरोपित किया गया है। 

कलेक्टर जितेन्द्र यादव के निर्देशानुसार अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी सीएल मारकण्डेय ने इस्कान वाटिका गोकुल नगर राजनांदगांव निवासी अनूप नायक एवं श्रीमती सरिता नायक (लाइसेंसी), मेसर्स रौनक इंटरप्रायजेस गोकुल नगर पनेका रोड राजनांदगांव द्वारा खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम 2006 की आधारों का उल्लंघन करने तथा खाद्य पदार्थ सुरभि स्पांज पनीर का नमूना अवमानक एवं मिथ्याछाप होने पर 6 लाख रूपए का अर्थदण्ड अधिरोपित किया है।

सोशल मिडिया से जुड़ने क्लिक करें..
telegram_logo_icon_168691 whatsapp-seeklogo[1] insta-png_5957085 facebook khabar 24x7 clipart1979393

न्यायालय अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी एवं न्याय निर्णयन अधिकारी राजनांदगांव से प्राप्त जानकारी अनुसार आरोपी अनूप नायक एवं श्रीमती सरिता नायक, मेसर्स रौनक इंटरप्रायजेस गोकुल नगर पनेका रोड राजनांदगांव को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम की धारा 50 अंतर्गत 2 लाख रूपए, धारा 51 अंतर्गत 2 लाख रूपए, धारा 52 के अंतर्गत 1 लाख रूपए, धारा 54 अंतर्गत 50 हजार रूपए, धारा 56 अंतर्गत 50 हजार रूपए अर्थदण्ड अधिरोपित किया गया है। शास्ति में दण्डित अभियुक्त द्वारा अधिरोपित शास्ति की राशि आदेश जारी दिनांक से 1 माह के भीतर जमा नहीं करने की स्थिति में अधिनियम की धारा 96 के तहत भू-राजस्व के बकाया के रूप में वसूल की जाएगी।

उल्लेखनीय है कि खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम द्वारा गोकुल नगर पनेका रोड राजनांदगांव स्थित प्रतिष्ठान मेसर्स रौनक इंटरप्रायजेस की जांच की गई। इस दौरान फर्म में विक्रय हेतु विनिर्मित व भंडारित खाद्य सुरभि स्पांज पनीर (1 किलो पैक) का नमूना लेकर विधिवत सीलबंद कर राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला रायपुर भेजा गया था।पनीर सेम्पल फ़ूड लैब में हुआ फेल, 6 लाख का हुआ जुर्माना Paneer sample fails food lab test, fined Rs 6 lakh

प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट में खाद्य पदार्थ को अवमानक तथा मिथ्याछाप घोषित किया गया। साथ ही उत्पाद के पैकेट पर अनिवार्य लेबलिंग, पोषण तत्वों, फूड एलर्जन तथा निर्माण संबंधी विवरण नियमानुसार नहीं पाया गया। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के उपरांत प्रकरण का परीक्षण करते हुए न्यायालय ने पाया कि आरोपियों द्वारा खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 की धाराओं के प्रावधानों का उल्लंघन किया गया है।




खबर शेयर करें..

Related Post

error: आपका बहुत-बहुत धन्यवाद !!
Study point, kcg