Breaking
Thu. May 21st, 2026

संगीत विश्वविद्यालय में “कला एवं व्यक्तित्व” विषय पर हुआ विशेष व्याख्यान

संगीत विश्वविद्यालय में "कला एवं व्यक्तित्व" विषय पर हुआ विशेष व्याख्यान
खबर शेयर करें..

संगीत विश्वविद्यालय में “कला एवं व्यक्तित्व” विषय पर हुआ विशेष व्याख्यान

छत्तीसगढ़ खबर डेस्क खबर 24×7 खैरागढ़// इन्दिरा कला संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ में कुलपति प्रो.डॉ.  लवली शर्मा के संरक्षण में श्रुति मंडल का कार्यक्रम संपन्न हुआ जहां “कला एवं व्यक्तित्व” विषय पर हुआ विशेष व्याख्यान आयोजित किया गया। मुख्य वक्ता के रूप में प्रज्ञा प्रवाह के अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य रामाशीष सिंह उपस्थित रहे।

व्याख्यान को संबोधित करते हुए रामाशीष सिंह ने कला एवं व्यक्तित्व के संबंध में सारगर्भित जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कला और व्यक्तित्व कई चीजों से मिलकर बना है। व्यक्तित्व आपके भीतर है, कहीं बाहर नहीं है। उन्होंने उदाहरण के साथ व्यक्तित्व विकास की जानकारी प्रदान की। कला साधना को लेकर उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि आपके जीवन में गुरु की केवल इतनी भूमिका है कि वे आपको आपके भीतर की क्षमता एवं शक्ति से परिचित कराते हैं। कला साधना को निखारने का काम आपको स्वयं करना होगा।

solar pinal
solar pinal

उन्होंने नाट्यशास्त्र के प्रकटीकरण के संबंध में जानकारी देते हुए इसकी सारगर्भित व्याख्या की। कला का विस्तृत वर्णन करते हुए नृत्य, संगीत, गायन, वादन के साथ ही विभिन्न कलात्मक तत्त्वों की भी जानकारी दी। रामाशीष सिंह ने विद्यार्थियों को भारतीय संगीत की विशेषता एवं पाश्चात्य संगीत की नकारात्मकता से भी अवगत कराया। उन्होंने कहा कि अपने भीतर परिवर्तन लाने के बाद ही समाज में परिवर्तन लाया जा सकता है।

सोशल मिडिया से जुड़ने क्लिक करें..
Ad by study point kgh

अध्यक्षीय उद्बोधन में कुलपति ने कहा कि इस विश्वविद्यालय का स्वरूप निराला है, रामाशीष सिंह ने अब तक की श्रृंखला को सोदाहरण प्रस्तुत किया और हम सभी ने मनोयोग के साथ सुना और समझा है। वर्तमान में इस तरह की विचारधारा कम होती जा रही है। हमारे देश का सांस्कृतिक इतिहास महत्वपूर्ण है, प्राचीन काल से हमारे वेदों में ऐसे श्लोक का वर्णन है, जिसके द्वारा बहुत कुछ करने की संभावना है। आज कई तरह के शोध हो रहे हैं जिसके माध्यम से इन चीजों को सामने लाने की आवश्यकता है। रामाशीष सिंह का वक्तव्य सभी के जीवन में आत्मसात करने लायक है।

मंच संचालन अतिथि व्याख्याता डॉ. परमानंद पाण्डेय ने किया तथा सहायक प्राध्यापक श्री विवेक नवरे ने आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर अधिष्ठाता कला संकाय प्रो. राजन यादव, अधिष्ठाता संगीत संकाय प्रो. नमन दत्त, श्रुति मंडल संयोजिका डॉ. दीपशिखा पटेल, सदस्य डॉ. हरिओम हरि व डॉ. दिवाकर कश्यप सहित शिक्षकगण व विद्यार्थीगण उपस्थित रहे।




खबर शेयर करें..

Related Post

error: आपका बहुत-बहुत धन्यवाद !!
Study point, kcg