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BEO कार्यालय में शराबखोरी मामला: बचाने की कोशिशों के बीच आखिरकार प्रधानपाठक और क्लर्क निलंबित.. इसके पहले भी बाबू हुआ है सस्पेंड

BEO कार्यालय में शराबखोरी मामला: बचाने की कोशिशों के बीच आखिरकार प्रधानपाठक और क्लर्क निलंबित.. इसके पहले भी बाबू हुआ है सस्पेंड Alcoholism case in BEO office: Amidst attempts to save the day, the headmaster and clerk are finally suspended.. The clerk has been suspended before this as well.
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BEO कार्यालय में शराबखोरी मामला: बचाने की कोशिशों के बीच आखिरकार प्रधानपाठक और क्लर्क निलंबित.. इसके पहले भी बाबू हुआ है सस्पेंड 

छत्तीसगढ़ खबर डेस्क खबर 24×7 खैरागढ़ // सिविल लाइन स्थित खंड शिक्षा अधिकारी (BEO Office ) कार्यालय में देर रात तक शराबखोरी करने के वायरल वीडियो मामले में आखिरकार शिक्षा विभाग में कार्रवाई कर दी है। जिला शिक्षा अधिकारी ने विभागीय क्लर्क और एक प्रधानपाठक को निलंबित कर दिया है।

मामले को लेकर लंबे समय से शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे थे। बीईओ कार्यालय में पदस्थ सहायक ग्रेड-2 रविन्द्र सिंह गहरवार तथा प्राथमिक शाला संडी में पदस्थ प्रधानपाठक सुनील वर्मा के देर रात कार्यालय परिसर में शराब सेवन करते कई वीडियो सोशल मीडिया पर लगातार वायरल हो रहे थे।

दो माह तक नहीं आया जाँच रिपोर्ट

यह वीडियो दिसंबर और जनवरी माह के दौरान रिकॉर्ड किए गए थे, जबकि पहला वीडियो मार्च में वायरल हुआ था। वीडियो सामने आने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया था और शिक्षा विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़े होने लगे थे। मामले को गंभीरता से लेते हुए संयुक्त संचालक, दुर्ग ने जांच के आदेश दिए थे। जांच के लिए गठित दो सदस्यीय टीम ने लगभग एक माह पहले ही अपनी रिपोर्ट जिला शिक्षा कार्यालय को सौंप दी थी। सूत्रों की माने तो जांच रिपोर्ट में पूरे मामले की पर जानकारी सामने आने के बावजूद गोल्लमोल कर बचाने की पूरी कोशिस की थी।

Alcoholism case in BEO office: Amidst attempts to save the day, the headmaster and clerk are finally suspended.. The clerk has been suspended before this as well.BEO कार्यालय में शराबखोरी मामला: बचाने की कोशिशों के बीच आखिरकार प्रधानपाठक और क्लर्क निलंबित.. इसके पहले भी बाबू हुआ है सस्पेंड

अब वीडियो देखते ही लिया एक्शन

तत्कालीन जिला शिक्षा अधिकारी के रिटायर होने के बाद अब सोमवार दोपहर जिला शिक्षा अधिकारी मुकुल साव ने सहायक ग्रेड-2 रविन्द्र सिंह गहरवार और प्रधानपाठक सुनील वर्मा के निलंबन आदेश जारी किए। जारी आदेश के अनुसार निलंबन अवधि के दौरान दोनों कर्मचारियों को बीईओ कार्यालय छुईखदान में अटैच किया गया है।

शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर उठ रहा सवाल

वहीं पूरे मामले को लेकर शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली और कार्रवाई में हुई देरी को लेकर अब भी सवाल उठ रहे हैं। बताया जा रहा की शिक्षा विभाग के आला अधिकारी से लेकर राजनितिक दबाव भी बनाया जा रहा था। वही कहा जाये तो जाँच अधिकारी की टीम को लेकर लोगो में चर्चा रहा है। BEO कार्यालय में शराबखोरी मामला: बचाने की कोशिशों के बीच आखिरकार प्रधानपाठक और क्लर्क निलंबित.. इसके पहले भी बाबू हुआ है सस्पेंड Alcoholism case in BEO office: Amidst attempts to save the day, the headmaster and clerk are finally suspended.. The clerk has been suspended before this as well.

मामले में जांच रिपोर्ट दबाए बैठे थे जिम्मेदार अधिकारी

इस दौरान विभागीय अधिकारियों पर मामले को दबाने और संबंधित कर्मचारियों को संरक्षण देने के आरोप भी लगते रहे। लगातार यह चर्चा होती रही कि जांच पूरी होने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा कार्रवाई टाली जा रही है। वायरल वीडियो क्लिप जिला प्रशासन तक पहुंचने के बाद शिक्षा विभाग हरकत में आया। इसके बाद विभागीय स्तर पर फाइलें तेजी से चलीं और कार्रवाई की प्रक्रिया पूरी की गई।

पहले भी दो बार हुआ है सस्पेंड

विकास खंड शिक्षा कार्यालय में पदस्थ रहे सहायक ग्रेड-2 रविन्द्र सिंह गहरवार इसके पहले भी दो बार निलंबित किये गए थे। बावजूद वे सिविल आचरण नियमो की अवहेलना में आगे रहे।

हमेशा चर्चा में रहा गहरवार बाबू..क्या BEO का रहा संरक्षण

विकास खंड शिक्षा अधिकारी में अन्य बाबुओ से गहरवार बाबू सुर्खियों में रहा है। सूत्रों की माने तो कितने भी करीबी हो किसी को फ़ाइल को सरकाने वजन जमकर बढाता रहा। ऐसे में साफ तौर से कहा जाता रहा है की विभाग की मुखिया याने BEO का ही संरक्षण प्राप्त रहा है और उनके नाम पर ही खुलकर वजन बढ़ाने की बात होती थी।


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