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श्रीलंका से संगीत एवं कला की शिक्षा ग्रहण करने पहुंचे विद्यार्थियों से मिले कुलपति

Vice Chancellor met students who came from Sri Lanka to study music and artश्रीलंका से संगीत एवं कला की शिक्षा ग्रहण करने पहुंचे विद्यार्थियों से मिले कुलपति
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छत्तीसगढ़ खबर डेस्क खबर 24×7 खैरागढ़ //  इन्दिरा कला संगीत विश्वविद्यालय में संगीत एवं ललित कला की शिक्षा ग्रहण करने श्रीलंका से पहुंचे नवप्रवेशी विद्यार्थियों से कुलपति व दुर्ग संभागायुक्त सत्यनारायण राठौर ने मुलाकात की।

इस दौरान डॉ. लिकेश्वर वर्मा इंचार्ज आई.सी.सी.आर. के द्वारा कुलपति से विद्यार्थियों का परिचय कराया गया जिसके बाद कुलपति ने संगीत की शिक्षा अर्जित करने हेतु विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया।

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प्रति वर्ष की भांति इस वर्ष भी इन्दिरा कला संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ में संगीत की शिक्षा प्राप्त करने देश के विभिन्न प्रांतों के साथ-साथ विदेश से भी विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है।Vice Chancellor met students who came from Sri Lanka to study music and artश्रीलंका से संगीत एवं कला की शिक्षा ग्रहण करने पहुंचे विद्यार्थियों से मिले कुलपति

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इस अवसर पर योगेन्द्र चौबे विभागाध्यक्ष थियेटर, डॉ.लिकेश्वर वर्मा इंचार्ज आई.सी.सी.आर. व सहायक कुलसचिव राजेश गुप्ता उपस्थित रहे। 




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खैरागढ़ में चैत्र नवरात्र की तैयारी पूरी, कल होगी ज्योति कलश स्थापना खैरागढ़। नगर सहित पूरे क्षेत्र के देवी मंदिरों में चैत्र नवरात्र को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। बुधवार से प्रारंभ हो रहे वासंती नवरात्रि के अवसर पर शहर के प्रमुख मां दंतेश्वरी माता मंदिर, मां शीतला मंदिर सहित सभी देवी मंदिरों में ज्योति कलश की स्थापना की जाएगी। मां दंतेश्वरी मंदिर के पुजारी डॉ. मंगलानंद झा ने बताया कि यह मंदिर खैरागढ़ का सबसे प्राचीन देवी मंदिर है, जहां हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु नवरात्रि के दौरान पहुंचते हैं। उन्होंने बताया कि चैत्र प्रतिपदा से हिंदू नववर्ष की भी शुरुआत होती है और इस बार विक्रम संवत 2083 का नाम ‘रुद्र’ संवत्सर रहेगा। उन्होंने नवरात्रि के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वर्ष में चार नवरात्रि होती हैं, लेकिन आश्विन और चैत्र नवरात्रि विशेष रूप से प्रमुख मानी जाती हैं। चैत्र नवरात्रि को वासंती नवरात्रि भी कहा जाता है। मुहूर्त को लेकर फैली भ्रांतियों पर उन्होंने स्पष्ट किया कि ज्योति प्रज्वलन का कोई विशेष मुहूर्त नहीं होता, बल्कि कलश स्थापना, नवग्रह, गौरी-गणेश, सप्तमातृका, षोडश मातृका और योगिनी की स्थापना के लिए निश्चित समय होता है। मां दंतेश्वरी मंदिर में दोपहर 12 बजे से 1 बजे के बीच विधिवत पूजा-अर्चना के साथ कलश स्थापना की जाएगी। इसके बाद शाम के समय श्रद्धालु अपने नाम से स्थापित ज्योति कलश प्रज्वलित करेंगे। मंदिर प्रबंधन के अनुसार मां दंतेश्वरी मंदिर में इस वर्ष करीब 330 ज्योति कलश स्थापित किए जाएंगे, जबकि इतवारी बाजार स्थित मां शीतला मंदिर में लगभग 250 ज्योति कलश स्थापित होंगे। खास बात यह है कि मां दंतेश्वरी मंदिर में देश ही नहीं, बल्कि विदेशों से भी श्रद्धालु अपनी आस्था के अनुसार ज्योति प्रज्वलित करवाते हैं। अबू धाबी, जर्मनी और कनाडा जैसे देशों में रह रहे श्रद्धालु भी मंदिर से जुड़े रहते हैं और नवरात्रि में अपनी सहभागिता निभाते हैं। चैत्र नवरात्रि को लेकर पूरे खैरागढ़ में भक्ति और उत्साह का माहौल देखा जा रहा है।