कक्षा 5वीं में एक स्कूल के सभी छात्रों को मिले एक समान अंक, परीक्षा परिणाम पर उठे सवाल
छत्तीसगढ़ खबर डेस्क खबर 24×7 खैरागढ़। जिला खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में जारी कक्षा 5वीं और 8वीं की केंद्रीयकृत परीक्षा के परिणाम को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। परिणाम में सामने आई एक गंभीर त्रुटि ने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामला खैरागढ़ के गवर्नमेंट इंग्लिश मीडियम प्राइमरी स्कूल नंबर-01 (इग्नाइट स्कूल) से जुड़ा है, जहां कक्षा 5वीं के सभी विद्यार्थियों को एक समान अंक दिए गए हैं।
जारी परिणाम के अनुसार स्कूल (GOVT ENGLISH MEDIUM PRIMARY SCHOOL NO:01 KHAIRAGARH (IGNITE) के सभी छात्र-छात्राओं को 200 में से 163 अंक प्राप्त हुए हैं। एक साथ सभी बच्चों के अंक पूरी तरह समान होना अभिभावकों और शिक्षा जगत के लिए आश्चर्य का विषय बन गया है। अब इस मामले को लेकर परिणाम तैयार करने और मूल्यांकन प्रक्रिया पर सवाल उठने लगे हैं।
जानकारी के अनुसार इस वर्ष कक्षा 5वीं और 8वीं की बोर्ड परीक्षा केंद्रीयकृत व्यवस्था के तहत आयोजित की गई थी। परीक्षा स्थानीय स्कूलों में हुई, लेकिन उत्तर पुस्तिकाओं की जांच बाहर से कराई गई। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि या तो मूल्यांकन में भारी लापरवाही हुई है या फिर रिजल्ट तैयार करते समय तकनीकी या टाइपिंग संबंधी गलती की गई है।

एक समान नंबर संदेह के घेरे में
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि बच्चे नकल भी करते, तब भी सभी के अंक पूरी तरह समान होना संभव नहीं है। सामान्य तौर पर एक-दो अंक का अंतर जरूर होता है। ऐसे में सभी छात्रों को “सेम टू सेम” अंक मिलना संदेह पैदा करता है।
बिना जाँच पड़ताल के जारी कर दिया परिणाम
मामले में यह होसकता है कि रिजल्ट तैयार करते समय ऑपरेटर द्वारा कॉपी-पेस्ट की गलती कर दी गई हो, जिससे सभी विद्यार्थियों के सामने एक ही अंक दर्ज हो गया। बावजूद इसके बिना जांच-पड़ताल के परिणाम जारी होना विभागीय लापरवाही को दर्शाता है।
यह परीक्षा परिणाम प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी आत्माराम साहू के हस्ताक्षर से जारी किया गया है। सवाल यह भी उठ रहा है कि परिणाम जारी करने से पहले उसका निरीक्षण और सत्यापन क्यों नहीं किया गया। यदि इतनी बड़ी त्रुटि नजरअंदाज हो गई, तो इससे पूरे परिणाम की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न लगना स्वाभाविक है।

इधर जिले के अन्य स्कूलों के विद्यार्थियों ने मेरिट सूची में स्थान बनाया है। एलिजियम पब्लिक स्कूल के 3 और वेस्लियन स्कूल के 8 विद्यार्थियों ने मेरिट सूची में जगह बनाई है। ऐसे में इग्नाइट स्कूल का मामला और अधिक चर्चा में आ गया है।
अब अभिभावकों और स्थानीय लोगों ने मांग की है कि संबंधित स्कूल के विद्यार्थियों की उत्तर पुस्तिकाओं की दोबारा जांच कराई जाए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो।


