अब देश का 77 प्रतिशत गोल्ड घर में, दुनिया में तनाव से सुरक्षा के लिए भारत ने 168 टन सोना घर मंगवाया
छत्तीसगढ़ खबर डेस्क खबर 24×7 नई दिल्ली // दुनिया के विभिन्न देशों में संघर्ष की स्थिति, भू राजनीतिक तनाव और वैश्विक कानूनों की पालना खतरे में होने के चलते भारत ने सोने के भंडारण में सावधानी की रणनीति अपनाई है। इसी रणनीति के तहत भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने विदेशों में रखा अपना 168.06 टन सोना घर (स्वदेश) मंगा कर सुरक्षित रख लिया है।

बैंक ऑफ इंग्लैंड और स्विट्जरलैंड के बैंक फॉर इंटरनेशनल सेटलमेंट्स से 104.23 और 63.83 टन की दो खेपों में मंगाया गया है। पिछले सालों में सोने के विदेश के बजाय घरेलू भंडारण के केंद्र सरकार के रणनीतिक कदम के तहत पिछले तीन साल में 378 टन सोना मंगाया जा चुका है।
आरबीआई की रिपोर्ट के अनुसार अब उसके पास कुल करीब 880 टन स्वर्ण भंडार मैं से 77 प्रतिशत सोना देश में ही संग्रहित है जबकि 2023 में यह आंकड़ा करीब 38 प्रतिशत था। केंद्र सरकार और आरबीआई ने 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने नाईने के बाद स्वर्ण भंडारण की नीति में बदलाव किया था। उस युद्ध के चलते अमरीका और पश्चिमी देशों ने रूस के डॉलर-मूल्य वाले विदेशी मुद्रा व स्वर्ण भंडार को फ्रीज कर दिया था।
भू-राजनीतिक तनाव के चलते ईरान और कई अन्य देशों का सोना व अन्य संपत्तियां भी दूसरे देशों में फ्रीज की गई है। भारत को 197.7 टन सोना अभी भी इंग्लैंड व स्विटजरलैंड के बैंक में जमा है।

अन्य देश भी स्वदेश ला रहे सोना
भारत ही नहीं अन्य देश भी अपने ही देश में स्वर्ण भंडार सुरक्षित कर रहे हैं। फ्रांस के बैंक डी फ्रांस ने 2026 की शुरुआत में न्यूयॉर्क फेडरल रिजर्व से 129 टन सोना मंगा लिया था। सर्बिया के केंद्रीय बैंक ने जुलाई 2025 में 6 अरब डॉलर का सोना मंगाया।
जर्मनी का ड्यूश बुंडेसबैंक न्यूयॉर्क में रखा 1236 टन सोना लाने की तैयारी कर रहा है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के अनुसार 2025 तक केंद्रीय बैंकों ने कुल स्वर्ण भंडार में से 59% सोना स्वदेश में रखा जबकि 2023 में यह 35% और 2019 में केवल 28% था।

