
छत्तीसगढ़ खबर डेस्क खबर 24×7 गंडई पंडरिया// वैसे तो अक्षय तृतीया पूरे प्रदेश में जोर-शोर से मनाई जाती है। लेकिन नगर में इस त्यौहार का अलग ही रंग देखने को मिलता है। प्रदेश में अक्षय तृतीया का पर्व आज 22 अप्रैल को हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इसे ‘अक्ति’ के नाम से भी जाना जाता है।
नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में ये त्यौहार धूम-धाम से मनाया गया..
बच्चों ने पारंपरिक तरीके से मंडप सजाया, वहां हल्दी खेली और पुतरा यानी गुड्डे की बारात निकालकर मंडप में पुतरी यानी गुड्डी से उसका ब्याह रचाया। छत्तीसगढ़ की परंपरा के अनुरूप बच्चों के लिए यह पर्व बेहद खास होता है।
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बच्चों ने एक-दूसरे को हल्दी लगाई और जमकर नाचे भी। दिनभर शादी की रस्मों के साथ रात में टीकावन भी किया गया। जगह-जगह पर बच्चों ने शादी का आयोजन कर माता-पिता और अन्य लोगों को आमंत्रित भी किया था।
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