पद्मश्री फूलबासन बाई यादव के अपहरण की कोशिश नाकाम, पुलिस की सतर्कता से बचीं समाजसेवी
छत्तीसगढ़ खबर डेस्क खबर 24×7 राजनांदगांव // पद्मश्री फूलबासन बाई यादव को कथित तौर पर अगवा करने की कोशिश का सनसनीखेज मामला सामने आया है। राजनांदगांव जिले के सुकुलदैहान क्षेत्र में हुई इस घटना में ट्रैफिक पुलिस की सतर्कता से बड़ी वारदात टल गई। पुलिस ने मौके से दो महिलाओं समेत चार लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
स्कार्पियो से पहुंचे थे घर.. बहाना बना बैठा दिया गाड़ी में
जानकारी के मुताबिक मंगलवार सुबह कुछ लोग स्कॉर्पियो वाहन से फूलबासन बाई यादव के घर पहुंचे। आरोपियों ने एक दिव्यांग युवती के साथ फोटो खिंचवाने का बहाना बनाकर उन्हें बाहर बुलाया। जैसे ही वे घर से बाहर निकलीं, आरोपियों ने उन्हें जबरन वाहन में बैठा लिया और नेशनल हाईवे की ओर निकल पड़े।

ट्रैफिक पुलिस की चेकिंग से आये सपड़ में..
इसी दौरान क्षेत्र में ट्रैफिक पुलिस का वाहन चेकिंग अभियान चल रहा था। पुलिस ने संदिग्ध स्कॉर्पियो को रोककर पूछताछ की। गाड़ी में मौजूद महिलाओं ने पुलिस को बताया कि फूलबासन बाई यादव की तबीयत खराब है और उन्हें मिर्गी का दौरा पड़ा है। लेकिन इसी बीच फूलबासन बाई यादव ने इशारों में पुलिसकर्मियों को बताया कि उन्हें जबरदस्ती ले जाया जा रहा है।
स्थिति संदिग्ध लगने पर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए वाहन को कब्जे में लिया और सभी आरोपियों को हिरासत में ले लिया। मामले की सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारियों में हड़कंप मच गया।![]()
राजनांदगांव एडिशनल एसपी कीर्तन राठौर ने मिडिया को बताया कि प्रारंभिक जांच में खुशबू साहू नाम की युवती का नाम सामने आया है, जो बेमेतरा जिले के बेरला थाना क्षेत्र की रहने वाली बताई जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों का मकसद क्या था और वे फूलबासन बाई यादव को कहां ले जाने की योजना बना रहे थे।
पुलिस का आभार किया फूलबासन ने
घटना के बाद फूलबासन बाई यादव ने पुलिस टीम का आभार जताया। उन्होंने कहा कि यदि सड़क पर लगातार वाहन चेकिंग नहीं हो रही होती, तो घटना गंभीर रूप ले सकती थी। उन्होंने पुलिस की सक्रियता और त्वरित कार्रवाई की सराहना की।


