पहली बार छोटे पिंड पर मिला वायुमंडल, पृथ्वी के मुकाबले 50 लाख से 1 करोड़ गुना पतला
छत्तीसगढ़ खबर डेस्क खबर 24×7 टोक्यो// वैज्ञानिकों ने पहली बार बहुत छोटे खगोलीय पिंड के चारों ओर पतला वायुमंडल पाया है। अभी तक माना जाता था कि छोटे पिंड अपने आसपास गैस नहीं रोक सकते। हमारे सौरमंडल के किनारे पर स्थित कुइपर बेल्ट में हजारों बर्फीले व चट्टानी पिंड मौजूद हैं।

इन्हें ट्रांस-नेपच्यूनियन ऑपजेक्ट्स कहा जाता है। ये 4.5 अरब साल पहले सौरमंडल के बनने के समय के बचे हुए टुकड़े हैं। वैज्ञानिक मानते हैं कि प्लूटो जैसे बड़े पिंड ही थोड़ा-बहुत वायुमंडल रख सकते हैं। जापान के वैज्ञानिकों ने एक छोटे पिंड (612533) 2002×93 के आसपास पतला वायुमंडल खोज लिया।
इसके बनने के पीछे दो संभावनाएं
🔶 पहली, उस पिंड के अंदर से क्रायोवोल्केनो (बर्फीले ज्वालामुखी) के जरिए गैस निकल रही हो सकती है, जैसे मीथेन या नाइट्रोजन।
🔶 दूसरी संभावना यह है कि किसी धूमकेतु या दूसरे पिंड की टक्कर से गैस बाहर निकली हो।
अगर टक्कर की वजह से बना है तो यह वायुमंडल कुछ सौ साल में खत्म हो सकता है, लेकिन अगर अंदर से लगातार गैस निकल रही है तो यह लंबे समय तक बना रह सकता है।


