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लाइन सुधार कार्य के दौरान कर्मचारी गिरा बिजली के खंभे से नीचे

लाइन सुधार कार्य के दौरान कर्मचारी गिरा बिजली के खंभे से नीचे
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लाइन सुधार कार्य के दौरान कर्मचारी गिरा बिजली के खंभे से नीचे

छत्तीसगढ़ खबर डेस्क खबर 24×7 ठेलकाडीह // विद्युत विभाग ठेलकाडीह के अंतर्गत कार्यरत एक ठेका कर्मचारी हादसे का शिकार हो गया। जानकारी के अनुसार लाइन सुधार कार्य के दौरान कर्मचारी बिजली के खंभे से नीचे गिर गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। बताया जा रहा है कि ठेकेदार के

 

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अधीन कार्य करने वाले रिंकु वर्मा महरूमखुर्द क्षेत्र में विद्युत लाइन सुधारने के लिए बिजली के खंभे पर चढ़े हुए थे। इसी दौरान संतुलन बिगड़ने से वह खंभे से नीचे जमीन पर गिर पड़े। हादसे में उनके कमर और हाथ में गंभीर चोट आई है। उन्हें उपचार के लिए राजनांदगांव के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

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घटना के बाद विद्युत विभाग और ठेकेदार की लापरवाही सामने आ रही है। जानकारी के मुताबिक ठेलकाडीह विद्युत विभाग में दो ठेकेदारों के अधीन लगभग छह कर्मचारी कार्य करते हैं। इन्हीं कर्मचारियों के भरोसे क्षेत्र के गांवों से लेकर फैक्ट्रियों तक बिजली की छोटी-बड़ी खराबियों को ठीक कराया जाता है।लाइन सुधार कार्य के दौरान कर्मचारी गिरा बिजली के खंभे से नीचे

हैरानी कि बात यह है कि ठेलकाडीह विद्युत विभाग के अधीन तीन लाइनमैन तैनात हैं। इसके बावजूद जोखिम भरे कार्य ठेका कर्मचारियों से कराए जा रहे हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि यदि इस हादसे में कोई बड़ी अनहोनी हो जाती तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होती।

नियमों के अनुसार ऐसे कार्यों के दौरान कर्मचारियों को दस्ताने, पेचकस, टेस्टर, झुला, डिस्चार्ज उपकरण, सेफ्टी बेल्ट, हेलमेट और सुरक्षा जूते उपलब्ध कराना अनिवार्य होता है। लेकिन आरोप है कि ठेकेदार और विभाग की ओर से जरूरी सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं।

जोखिम उठाकर काम करते हैं

अक्सर देखा जाता है कि ठेका कर्मचारी बिना सुरक्षा किट के ही बिजली के खंभों पर चढ़कर काम करते हैं। पहले भी कई जगहों पर ऐसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं। कर्मचारी समय-समय पर सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने की मांग करते हैं, लेकिन उन्हें केवल आश्वासन ही मिलता है। नौकरी जाने के डर से कर्मचारी खुलकर आवाज भी नहीं उठा पाते और रोज जोखिम उठाकर काम करने को मजबूर रहते हैं।

 

सूत्रों के अनुसार विद्युत विभाग में ठेका कर्मचारियों से कमीशन लेने की शिकायतें भी सामने आती रही हैं। यह समस्या केवल ठेलकाडीह तक सीमित नहीं बल्कि जिले के कई स्थानों पर ऐसी चर्चाएं होती रहती है। हालांकि नौकरी खोने के डर से कर्मचारी खुलकर शिकायत नहीं कर पाते।

 

विद्युत विभाग के ठेकेदार सुरेंद्र रामटेके ने मिडिया को बताया कि विद्युत सुधार कार्य के दौरान कर्मचारी रिकु वर्मा के साथ हादसा हुआ है। उनका इलाज कराया जा रहा है। सुरक्षा उपकरण कर्मचारियों को हर छह माह में उपलब्ध कराए जाते हैं।

 

जेई पूरनलाल कवर ने कहा कि विभाग के अधीन कार्यरत ठेका कर्मचारी रिंकु वर्मा बिजली सुधार कार्य के दौरान पोल से गिर गए थे। उन्हें चोट आई है और उनका उपचार जारी है।

हर फॉल्ट सुधारने की जिम्मेदारी

स्थानीय लोगों के अनुसार बिजली की छोटी हो या बड़ी खराबी, अधिकतर मरम्मत कार्य ठेका कर्मचारियों से ही कराया जाता है। कई बार ये कर्मचारी बिना पर्याप्त सुरक्षा उपकरणों के ही बिजली के खंभों पर चढ़कर काम करने को मजबूर होते हैं, जिससे दुर्घटना का खतरा बना रहता है।




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