BSP जमीन में निजी प्लांट जगन्नाथ स्टील पावर प्लांट को लेकर ग्रामीणों का प्रदर्शन, अवैध संचालन के आरोप
छत्तीसगढ़ खबर डेस्क खबर 24×7 दल्लीराजहरा // बालोद जिले के कोंडेकसा गांव में संचालित जगन्नाथ स्टील पावर प्लांट को लेकर ग्रामीणों का विरोध तेज हो गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि यह निजी फैक्ट्री भिलाई स्टील प्लांट (SAIL) की भूमि पर नियमों के विरुद्ध संचालित की जा रही है।
ग्रामीणों के अनुसार, यह भूमि आजादी के बाद क्षेत्रीय विकास और औद्योगिक उपयोग के लिए भिलाई स्टील प्लांट को आवंटित की गई थी, लेकिन वर्तमान में इसका उपयोग निजी फैक्ट्री संचालन के लिए किया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों का दावा है कि प्लांट के पास आवश्यक वैध लाइसेंस नहीं हैं तथा कृषि भूमि का औद्योगिक उपयोग हेतु विधिवत परिवर्तन भी नहीं कराया गया है।

श्रम कानून उल्लंघन के आरोप
फैक्ट्री में कार्यरत श्रमिकों ने आरोप लगाया कि उन्हें प्रतिदिन केवल 300 से 400 रुपये मजदूरी दी जा रही है, जो न्यूनतम मजदूरी नियमों और श्रम कानूनों के विपरीत है। ग्रामीणों का कहना है कि यह क्षेत्र पांचवीं अनुसूची के अंतर्गत संरक्षित है और इस संबंध में राज्यपाल को ज्ञापन भी सौंपा गया था।
ग्रामीणों के अनुसार, राजभवन की ओर से कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए थे, लेकिन अब तक प्रशासन द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। इसे लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

धरना जारी, तालाबंदी की चेतावनी
कोंडेकसा गांव के ग्रामीण अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे हैं। आंदोलन को फॉरवर्ड डेमोक्रेटिक लेबर पार्टी (FDLP) का समर्थन भी मिला है। पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिव शंकर सिंह गौर और प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र कुमार साहू ने कहा कि यदि प्लांट का संचालन नियमों के अनुरूप नहीं पाया गया, तो फैक्ट्री की तालाबंदी की जाएगी।
शिव शंकर सिंह गौर ने कहा कि शासन और प्रशासन को कई महीनों से मामले की जानकारी दी जा चुकी है, लेकिन कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीणों को आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। फिलहाल स्थानीय प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।


