पति और पत्नी को मिले संयुक्त रिटर्न फाइलिंग का अधिकार : आप सांसद राघव चड्डा
राष्ट्रीय खबर डेस्क खबर 24×7 नई दिल्ली // राज्यसभा में अनुपूरक अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान आम आदमी पार्टी के सांसद राघव चड्ढा ने पति-पत्नी के लिए संयुक्त आयकर रिटर्न (जॉइंट फाइलिंग) की व्यवस्था लागू करने की मांग उठाई।
उन्होंने कहा कि वर्तमान व्यवस्था में भारत में व्यक्तिगत आयकर प्रणाली लागू है, जिसके तहत पति और पत्नी को अलग-अलग आयकर रिटर्न दाखिल करना पड़ता है और अलग-अलग कर देना होता है, जबकि उनके खर्च, संपत्ति व जिम्मेदारियां संयुक्त होती है।
यह दिया तर्क
चड्ढा ने तर्क दिया कि विश्व के कई देशों में पति-पत्नी को एक आर्थिक इकाई मानकर संयुक्त कर निर्धारण होता है, इससे कर व्यवस्था अधिक न्यायसंगत बनती है।

चड्ढा ने उदाहरण देते हुए बताया कि किस तरह से समान आय वाले परिवारों को अलग अलग कर चुकाना पड़ता है। समान आय वाले दो परिवारों में से एक को लाखों रुपए आयकर जमा करना पड़ता है और दूसरे परिवार को उतनी ही आय के बावजूद कर से छूट मिल जाती है।
चड्ढा ने सवाल उठाया कि जब आप, खर्च और जिम्मेदारियां संयुक्त हैं, तो कर व्यवस्था भी संयुक्त क्यों नहीं हो सकती। भारत में भी इस प्रणाली को लागू किया जाना चाहिए और संभव है कि इससे विवाह को भी प्रोत्साहन मिले, क्योंकि लोग इस लाभ के लिए शादी करने के लिए प्रेरित हो सकते हैं।![]()
दिव्यांग पेंशन पर कर व बैंक शुल्क भी हटेचड्ढा ने सैनिकों को मिलने वाली दिव्यांग पेंशन पर आयकर लगाने के प्रस्ताव का विरोध करते हुए इसे वापस लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि देश सेवा के दौरान घायल होकर दिव्यांग हुए सैनिकों की पेंशन पर कर लगाना उचित नहीं है। इसके साथ ही उन्होंने बैंकों द्वारा वसूले जाने वाले न्यूनतम बैलेंस शुल्क को समाप्त करने की मांग भी उठाई और बताया कि पिछले कुछ वर्षों में बैंकों ने इससे करीब 19 हजार करोड़ रुपए वसूले हैं। |


