यूजीसी बिल लागू करने की मांग को लेकर संयुक्त मोर्चा का प्रदर्शन, सौंपा ज्ञापन
छत्तीसगढ़ खबर डेस्क खबर 24×7 खैरागढ़। शिक्षा में समान अवसर और सामाजिक न्याय की मांग को लेकर एसटी, एससी और ओबीसी संयुक्त मोर्चा ने 17 मार्च को एकदिवसीय धरना प्रदर्शन किया। जिले भर से बड़ी संख्या में लोग इस प्रदर्शन में शामिल हुए और अपने अधिकारों की आवाज बुलंद की।
प्रदर्शन के बाद मोर्चा के प्रतिनिधियों ने जिला कलेक्टर के माध्यम से प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में प्रमुख रूप से यूजीसी बिल को शीघ्र लागू करने की मांग उठाई गई। प्रतिनिधियों का कहना था कि देशभर के शैक्षणिक संस्थानों में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को कई तरह की समस्याओं और भेदभाव का सामना करना पड़ रहा है, जिसे रोकने के लिए यह बिल आवश्यक है।
पारदर्शिता आएगी और वंचित वर्गों को उनके संवैधानिक अधिकार मिल सकेंगे
मोर्चा ने अपने ज्ञापन में कहा कि यूजीसी बिल लागू होने से शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी और वंचित वर्गों को उनके संवैधानिक अधिकार मिल सकेंगे। इसे सामाजिक न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया गया। इसके अलावा प्रतिनिधियों ने एनएफएस प्रणाली को समाप्त करने की मांग भी रखी।


उनका कहना है कि इस व्यवस्था के कारण कई प्रतिभाशाली अभ्यर्थी भर्ती प्रक्रिया से बाहर हो रहे हैं। साथ ही एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग के रिक्त पदों को भरने के लिए विशेष अभियान चलाने की भी मांग की गई। मोर्चा ने संविधान के अनुच्छेद 15 और 16 के प्रावधानों का पूर्ण पालन सुनिश्चित करने और अनुच्छेद 19 के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी जोर दिया।
इसके साथ ही वर्ष 2027 में प्रस्तावित जाति आधारित जनगणना में सभी वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित करने की मांग भी उठाई गई। धरना प्रदर्शन और ज्ञापन संयुक्त मोर्चा एसटी एससी ओबीसी के तत्वाधान में किया गया।
ज्ञापन सौंपने के दौरान आदिवासी समाज के अध्यक्ष संतराम छेददया, सतनामी समाज के जिला अध्यक्ष खुमान देशलहरे, साहू समाज के जिला अध्यक्ष टीलेश्वर साहू, जिला लोधी समाज जिला अध्यक्ष उत्तम जंघेल, दशमत जंघेल, कविता नागदेवे, अधिवक्ता शेखू वर्मा, विप्लव साहू, उत्तम बागड़े, प्रशांत सहारे, संतोष मरावी, विमल बोरकर, उमेश कोठले, राधेलाल ऊके, साधुराम, इन्दिरा चंद्रवंशी सहित बड़ी संख्या में एससी, एसटी और ओबीसी समाज के लोग उपस्थित रहे।


