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Thu. Mar 26th, 2026

सोशल मिडिया बना युवाओं की ख़ुशी का दुश्मन

सोशल मिडिया बना युवाओं की ख़ुशी का दुश्मन
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सोशल मिडिया बना युवाओं की ख़ुशी का दुश्मन

खबर काम की खबर डेस्क खबर 24×7 नई दिल्ली // स्मार्टफोन की चमकती स्क्रीन पर सोशल मीडिया का ‘स्क्रॉल’ और लगातार नोटिफिकेशन…. यह सिर्फ एक आदत नहीं, बल्कि नई पीढ़ी की खुशी को धीरे-धीरे खा रहा ‘साइलेंट खतरा‘ बन चुका है। गैलप के एक लाख लोगों के सर्वे पर आधारित यूएन-समर्थित ‘वर्ल्ड हैप्पीनेस रिपोर्ट 2026’ ने दुनिया के सबसे खुशहाल देशों की सूची जारी करते हुए युवाओं के गिरते मानसिक स्वास्थ्य और सोशल मीडिया के बीच गहरे रिश्ते को उजागर किया है। अमरीका, कनाडा और ब्रिटेन जैसे समृद्ध देशों में भी युवाओं की जीवन संतुष्टि तेजी से घटी है। वजह, डिजिटल तनाव और ‘वर्चुअल दुनिया’ में बढ़ता अकेलापन। Social media

डिजिटल तनाव बना ‘स्लो पॉइजन’

लगातार दूसरे साल अमरीका (23वां), ब्रिटेन (29वां) और कनाडा (25वां) टॉप-10 से बाहर रहे। विशेषज्ञ इसे ‘डिजिटल अलगाव’ का नतीजा मानते हैं, जहां कनेक्टिविटी बढ़ी, लेकिन असली रिश्ते कमजोर पड़ गए। जो युवा रोज 5 घंटे या उससे ज्यादा समय सोशल मीडिया पर बिताते हैं, वे कम खुश पाए गए। दिन में 1 घंटे से कम इस्तेमाल करने वालों की ‘वेल-बीइंग’ बेहतर रही। Social mediaसोशल मिडिया बना युवाओं की ख़ुशी का दुश्मन

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भारत में सुधार, लेकिन सफर लंबा…

147 देशों की सूची में भारत 116वें स्थान पर है, जो पिछले साल के 118वें स्थान से मामूली सुधार है। हालांकि, यह सकारात्मक संकेत है लेकिन प्रति व्यक्ति आय, सामाजिक सहयोग और जीवन प्रत्याशा जैसे अहम पैमानों पर भारत को अभी लंबा रास्ता तय करना है।

फिनलैंड में भरपूर सहयोग और समानता

डिजिटल तनाव से दूर खुशहाली की दौड़ में फिनलैंड ने लगातार नौवीं बार पहला स्थान हासिल कर ‘खुशी की राजधानी’ होने का तमगा बरकरार रखा है। मजबूत सामाजिक सहयोग, पारदर्शी शासन व आर्थिक समानता इस देश की खुशियों के मूल में है। वहीं, युद्ध और संघर्ष झेल रहा अफगानिस्तान लगातार दुनिया का सबसे नाखुश देश बना हुआ है।

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Social media has become the enemy of youth’s happiness. source




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error: आपका बहुत-बहुत धन्यवाद !!
खैरागढ़ में चैत्र नवरात्र की तैयारी पूरी, कल होगी ज्योति कलश स्थापना खैरागढ़। नगर सहित पूरे क्षेत्र के देवी मंदिरों में चैत्र नवरात्र को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। बुधवार से प्रारंभ हो रहे वासंती नवरात्रि के अवसर पर शहर के प्रमुख मां दंतेश्वरी माता मंदिर, मां शीतला मंदिर सहित सभी देवी मंदिरों में ज्योति कलश की स्थापना की जाएगी। मां दंतेश्वरी मंदिर के पुजारी डॉ. मंगलानंद झा ने बताया कि यह मंदिर खैरागढ़ का सबसे प्राचीन देवी मंदिर है, जहां हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु नवरात्रि के दौरान पहुंचते हैं। उन्होंने बताया कि चैत्र प्रतिपदा से हिंदू नववर्ष की भी शुरुआत होती है और इस बार विक्रम संवत 2083 का नाम ‘रुद्र’ संवत्सर रहेगा। उन्होंने नवरात्रि के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वर्ष में चार नवरात्रि होती हैं, लेकिन आश्विन और चैत्र नवरात्रि विशेष रूप से प्रमुख मानी जाती हैं। चैत्र नवरात्रि को वासंती नवरात्रि भी कहा जाता है। मुहूर्त को लेकर फैली भ्रांतियों पर उन्होंने स्पष्ट किया कि ज्योति प्रज्वलन का कोई विशेष मुहूर्त नहीं होता, बल्कि कलश स्थापना, नवग्रह, गौरी-गणेश, सप्तमातृका, षोडश मातृका और योगिनी की स्थापना के लिए निश्चित समय होता है। मां दंतेश्वरी मंदिर में दोपहर 12 बजे से 1 बजे के बीच विधिवत पूजा-अर्चना के साथ कलश स्थापना की जाएगी। इसके बाद शाम के समय श्रद्धालु अपने नाम से स्थापित ज्योति कलश प्रज्वलित करेंगे। मंदिर प्रबंधन के अनुसार मां दंतेश्वरी मंदिर में इस वर्ष करीब 330 ज्योति कलश स्थापित किए जाएंगे, जबकि इतवारी बाजार स्थित मां शीतला मंदिर में लगभग 250 ज्योति कलश स्थापित होंगे। खास बात यह है कि मां दंतेश्वरी मंदिर में देश ही नहीं, बल्कि विदेशों से भी श्रद्धालु अपनी आस्था के अनुसार ज्योति प्रज्वलित करवाते हैं। अबू धाबी, जर्मनी और कनाडा जैसे देशों में रह रहे श्रद्धालु भी मंदिर से जुड़े रहते हैं और नवरात्रि में अपनी सहभागिता निभाते हैं। चैत्र नवरात्रि को लेकर पूरे खैरागढ़ में भक्ति और उत्साह का माहौल देखा जा रहा है।