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रेत उत्खनन का बेलगाम कारोबार, खुलेआम नदी का सीना चीर हो रही तस्करी, क्या जानते हुए भी प्रशासन अनजान?

रेत उत्खनन का बेलगाम कारोबार, खुलेआम नदी का सीना चीर हो रही तस्करी, क्या जानते हुए भी प्रशासन अनजान? Unbridled sand mining business, smuggling taking place openly through the river, is the administration unaware despite knowing the truth?
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रेत उत्खनन का बेलगाम कारोबार, खुलेआम नदी का सीना चीर हो रही तस्करी, क्या जानते हुए भी प्रशासन अनजान?

छत्तीसगढ़ खबर डेस्क खबर 24×7 राजनांदगांव // जिले में अवैध रेत उत्खनन का कारोबार बेलगाम हो चुका है। भीषण गर्मी के चलते शिवनाथ नदी का जलस्तर तेजी से घट रहा है। मोहारा एनीकट के नीचे नदी पूरी तरह सूख चुकी है, जिसका फायदा उठाकर रेत तस्कर खुलेआम नदी का सीना चीर रहे हैं। ऐसे में सवाल उठता है की प्रशासनिक सूचना तंत्र क्या अभी भी अनजान है।

दरअसल अंबागढ़ चौकी से ईरा तक दो दर्जन से अधिक स्थानों पर रात के अंधेरे में रेत की अवैध निकासी की जा रही है। तस्कर नदी से रेत निकालकर गांवों और खाली मैदानों में डंप कर रहे हैं, जिसे बाद में ऊंचे दामों पर बेचा जा रहा है।

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जिले में एक भी वैध रेत खदान संचालित नहीं होने से मांग बढ़ी है और इसका सीधा फायदा माफिया उठा रहे हैं। सूचना और शिकायतों के बावजूद खनिज विभाग की कार्रवाई केवल खानापूर्ति नजर आ रही। हाल ही में डोंगरगांव क्षेत्र के बाररमुंडी और दाऊटोला के बीच जंगल में सैकड़ों ट्रिप रेत डंप पकड़ा गया था। यह कार्रवाई भी मीडिया में मामला उछलने के बाद की गई।

 

इसी तरह भंवरमरा ऑक्सीजोन क्षेत्र में रेत निकासी का मामला सामने आने पर विभाग ने एक कार्रवाई कर अपनी पीठ थपथपा ली, जबकि ग्रामीणों के अनुसार गांव में कई अन्य स्थानों पर अब भी बड़ी मात्रा में अवैध रेत डंप है।रेत उत्खनन का बेलगाम कारोबार, खुलेआम नदी का सीना चीर हो रही तस्करी, क्या जानते हुए भी प्रशासन अनजान? Unbridled sand mining business, smuggling taking place openly through the river, is the administration unaware despite knowing the truth?

 

ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत स्तर पर भी मिलीभगत का खेल चल रहा है। सरपंच-सचिवों को अवैध डंप की पूरी जानकारी रहती है, लेकिन शिकायतें दबा दी जाती हैं। वहीं विभागीय मुखबिरों से तस्करों को कार्रवाई के पहले ही सूचना मिल जाती है।

वजह यह भी…

रेत का परिवहन चारामा और धमतरी क्षेत्र से हो रहा था। चारामा क्षेत्र की खदानों को लेकर वहां के सांसद ने आपत्ति जताई है। सांसद ने खदानों में खुद दबिश दी थी। इसके बाद से इस क्षेत्र की रेत खदानें बंद है। इसलिए रेत तस्कर अब शिवनाथ नदी से रेत निकालने की होड़ में हैं ताकि बारिश के पहले लाखों रुपए की रेत डंप कर सकें।




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