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आस्था, एकता और जनसंघर्ष का विराट संगम: 55 गांवों की शक्ति से सजेगा किसान हनुमान मंदिर

आस्था, एकता और जनसंघर्ष का विराट संगम: 55 गांवों की शक्ति से सजेगा किसान हनुमान मंदिर
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आस्था, एकता और जनसंघर्ष का विराट संगम: 55 गांवों की शक्ति से सजेगा किसान हनुमान मंदिर

02 अप्रैल को ऐतिहासिक प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव

छत्तीसगढ़ खबर डेस्क खबर 24×7 गंडई // दनिया–अतरिया–उदयपुर–हनईबन अंचल में अभूतपूर्व धार्मिक जागरण समागम होना है जहाँ हजारों श्रद्धालुओं की आस्था उमड़ेगी और भक्ति के साथ किसानों के हक की आवाज बुलंद होगी। 

दरअसल ब्लॉक मुख्यालय के ग्राम दनिया–अतरिया–उदयपुर–हनईबन सहित आसपास का संपूर्ण अंचल इन दिनों भक्ति, ऊर्जा और जनजागरण की अलौकिक लहर में डूबा हुआ है। गांव-गांव में गूंजते “जय श्री राम” और “जय बजरंगबली” के जयघोष वातावरण को भक्तिमय बना रहे हैं। इसी क्रम में आगामी 02 अप्रैल 2026 को नवनिर्मित “किसान हनुमान मंदिर” में भगवान श्री हनुमान जी की भव्य “प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव” का आयोजन होने जा रहा है, जिसकी तैयारियां अब अंतिम और निर्णायक चरण में पहुंच चुकी हैं।

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यह आयोजन केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि 55 गांवों की सामूहिक चेतना, सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक गौरव और किसानों के अधिकारों के संघर्ष का विराट प्रतीक बनकर उभर रहा है।

 

55 गांवों की अभूतपूर्व एकजुटता: आस्था बनी जनआंदोलन

इस महाआयोजन की सबसे बड़ी शक्ति है 55 गांवों की एकजुट भागीदारी। हर गांव से ग्रामीण तन, मन और धन से योगदान दे रहे हैं। महिलाएं मंगलगीत गा रही हैं, युवा व्यवस्था संभाल रहे हैं, और बुजुर्ग मार्गदर्शन दे रहे हैं।

 

समिति की अध्यक्ष लुकेश्वरी जंघेल ने कहा,यह आयोजन हमारे क्षेत्र की आत्मा का उत्सव है। यहां केवल पूजा नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और भाईचारे का सजीव रूप दिखाई देगा।”

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छह दिवसीय आयोजन: भक्ति का महाकुंभ

28 मार्च से 02 अप्रैल तक चलने वाले इस छह दिवसीय महोत्सव को लेकर क्षेत्र में अपार उत्साह है। आयोजन समिति के संयोजक सुधीर गोलछा ने इसे “जनशक्ति और आस्था का ऐतिहासिक संगम” बताते हुए कहा कि यह आयोजन आने वाले समय में एक नई मिसाल कायम करेगा।

 

भव्य शोभायात्रा: भक्ति से गुंजायमान होगा अंचल

महोत्सव का शुभारंभ 28 मार्च शनिवार को ग्राम विचारपुर से भव्य शोभायात्रा के साथ होगा, जो 31 मार्च तक विभिन्न गांवों से होते हुए गंडई नगर तक पहुंचेगी।

इस शोभायात्रा में 55 से अधिक गांवों के हजारों श्रद्धालु शामिल होंगे।

ग्रामीणों द्वारा जगह-जगह स्वागत, जलपान और विश्राम की व्यवस्था की जा रही है—जो इस आयोजन को सेवा, समर्पण और संस्कार का जीवंत उदाहरण बना रही है।

 

अखंड राम नाम जाप: भक्ति की निरंतर धारा

कार्यक्रम के रुपरेखा के बारे में बताया कि 01 अप्रैल सुबह 9 बजे से 02 अप्रैल सुबह 9 बजे तक मंदिर प्रांगण में 24 घंटे का अखंड राम नाम जाप आयोजित किया जाएगा।

इस दौरान सैकड़ों श्रद्धालु निरंतर भजन-कीर्तन में लीन रहेंगे, वहीं सभी भक्तों के लिए प्रसादी की विशेष व्यवस्था की गई है।

 

आस्था के साथ संघर्ष की बुलंद हुंकार

यह महोत्सव किसानों के हक की आवाज को भी नई मजबूती देगा। क्षेत्र में प्रस्तावित चूना पत्थर खनन परियोजना और सीमेंट फैक्ट्री के विरोध में चल रहा आंदोलन इस आयोजन के माध्यम से और संगठित रूप में सामने आएगा।

 

संयोजक सुधीर गोलछा ने कहा,“हम अपनी आस्था के साथ अपने जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए भी पूरी तरह संकल्पित हैं। यह महोत्सव हमारी एकता की शक्ति को प्रदर्शित करेगा।”आस्था, एकता और जनसंघर्ष का विराट संगम: 55 गांवों की शक्ति से सजेगा किसान हनुमान मंदिर

 

वैदिक अनुष्ठान और आध्यात्मिक जागरण

01 और 02 अप्रैल को विद्वान पंडितों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विशेष पूजन-अर्चना किया जाएगा।

संरक्षक गिरवर जंघेल और मोतीलाल जंघेल के अनुसार, इन अनुष्ठानों से क्षेत्र में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार होगा।

 

कलश यात्रा और प्राण प्रतिष्ठा: ऐतिहासिक क्षण

02 अप्रैल को सुबह 10 बजे पंडरिया हनुमान मंदिर से भव्य कलश यात्रा निकलेगी, जो किसान हनुमान दक्षिणमुखी संकटमोचन मंदिर पहुंचेगी। इसके बाद विधिवत रूप से भगवान श्री हनुमान जी की प्राण प्रतिष्ठा संपन्न होगी।

 

इस अवसर पर 2000 से अधिक किसान परिवारों सहित हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति संभावित है।

 

भंडारा, मेला और जनसागर

प्राण प्रतिष्ठा के बाद विशाल भंडारा और मेले का आयोजन किया जाएगा। भंडारे के लिए 50 सदस्यीय टीम लगातार भोजन और प्रसादी की व्यवस्था में जुटी रहेगी।

श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरण के साथ सामाजिक एकता और भाईचारे का अद्भुत दृश्य देखने को मिलेगा।

सर्वसमाज की भागीदारी: सामाजिक समरसता का संदेश

इस आयोजन की एक और विशेषता यह है कि खैरागढ़ जिले के सभी समाजों के अध्यक्षों एवं प्रमुखों को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है।

इससे यह आयोजन केवल धार्मिक नहीं, बल्कि सर्वसमाज की एकता और समरसता का महापर्व बनता जा रहा है।

 

युवाओं की भूमिका: समर्पण और नेतृत्व

सौरभ जंघेल, विक्रम सिंह यादव, ऐमन जंघेल, लक्की जंघेल, तेजेश्वर जंघेल और प्रियंका चंदेल सहित अनेक युवा दिन-रात जुटकर इस आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

प्रशासन से सुरक्षा व्यवस्था की मांग

आयोजकों ने प्रशासन से अपील की है कि इस विशाल आयोजन को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त पुलिस बल और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि श्रद्धालु सुरक्षित वातावरण में इस ऐतिहासिक महोत्सव का हिस्सा बन सकें।

इतिहास के स्वर्ण अक्षरों में दर्ज होगा यह आयोजन

दनिया–अतरिया–उदयपुर–हनईबन अंचल का यह महोत्सव अब केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं रहा—यह आस्था, एकता, संघर्ष और सामाजिक चेतना का विराट जनपर्व बन चुका है।

जहां एक ओर भगवान श्री हनुमान जी की भक्ति लोगों को आध्यात्मिक शक्ति प्रदान करेगी, वहीं दूसरी ओर 55 गांवों की एकजुटता किसानों के अधिकारों की लड़ाई को नई दिशा और मजबूती देगी।

निश्चित ही, यह महोत्सव आने वाले समय में क्षेत्र के इतिहास में स्वर्णिम अध्याय के रूप में याद किया जाएगा।


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रिपोर्ट : रोहित देवांगन, गंडई
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error: आपका बहुत-बहुत धन्यवाद !!
खैरागढ़ में चैत्र नवरात्र की तैयारी पूरी, कल होगी ज्योति कलश स्थापना खैरागढ़। नगर सहित पूरे क्षेत्र के देवी मंदिरों में चैत्र नवरात्र को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। बुधवार से प्रारंभ हो रहे वासंती नवरात्रि के अवसर पर शहर के प्रमुख मां दंतेश्वरी माता मंदिर, मां शीतला मंदिर सहित सभी देवी मंदिरों में ज्योति कलश की स्थापना की जाएगी। मां दंतेश्वरी मंदिर के पुजारी डॉ. मंगलानंद झा ने बताया कि यह मंदिर खैरागढ़ का सबसे प्राचीन देवी मंदिर है, जहां हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु नवरात्रि के दौरान पहुंचते हैं। उन्होंने बताया कि चैत्र प्रतिपदा से हिंदू नववर्ष की भी शुरुआत होती है और इस बार विक्रम संवत 2083 का नाम ‘रुद्र’ संवत्सर रहेगा। उन्होंने नवरात्रि के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वर्ष में चार नवरात्रि होती हैं, लेकिन आश्विन और चैत्र नवरात्रि विशेष रूप से प्रमुख मानी जाती हैं। चैत्र नवरात्रि को वासंती नवरात्रि भी कहा जाता है। मुहूर्त को लेकर फैली भ्रांतियों पर उन्होंने स्पष्ट किया कि ज्योति प्रज्वलन का कोई विशेष मुहूर्त नहीं होता, बल्कि कलश स्थापना, नवग्रह, गौरी-गणेश, सप्तमातृका, षोडश मातृका और योगिनी की स्थापना के लिए निश्चित समय होता है। मां दंतेश्वरी मंदिर में दोपहर 12 बजे से 1 बजे के बीच विधिवत पूजा-अर्चना के साथ कलश स्थापना की जाएगी। इसके बाद शाम के समय श्रद्धालु अपने नाम से स्थापित ज्योति कलश प्रज्वलित करेंगे। मंदिर प्रबंधन के अनुसार मां दंतेश्वरी मंदिर में इस वर्ष करीब 330 ज्योति कलश स्थापित किए जाएंगे, जबकि इतवारी बाजार स्थित मां शीतला मंदिर में लगभग 250 ज्योति कलश स्थापित होंगे। खास बात यह है कि मां दंतेश्वरी मंदिर में देश ही नहीं, बल्कि विदेशों से भी श्रद्धालु अपनी आस्था के अनुसार ज्योति प्रज्वलित करवाते हैं। अबू धाबी, जर्मनी और कनाडा जैसे देशों में रह रहे श्रद्धालु भी मंदिर से जुड़े रहते हैं और नवरात्रि में अपनी सहभागिता निभाते हैं। चैत्र नवरात्रि को लेकर पूरे खैरागढ़ में भक्ति और उत्साह का माहौल देखा जा रहा है।