अवैध उर्वरक भंडारण पर कृषि विभाग की बड़ी कार्रवाई, 600 बोरी खाद जब्त
छत्तीसगढ़ खबर डेस्क खबर 24×7 खैरागढ़ // आगामी खरीफ सीजन में किसानों को गुणवत्तायुक्त खाद, बीज एवं कीटनाशक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कृषि विभाग द्वारा जिलेभर में लगातार निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। कलेक्टर इन्द्रजीत सिंह चंद्रवाल के मार्गदर्शन में मंगलवार को जिले के विभिन्न कृषि केन्द्रों का औचक निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान विकासखंड खैरागढ़ के ग्राम सिंघौरी में अवैध रूप से उर्वरक भंडारण का मामला सामने आया। जांच में मोतीपाल के गोदाम में सफेद प्लास्टिक बोरियों में बिना नाम, कंपनी एवं बैच नंबर का उर्वरक भंडारित पाया गया। कृषि विभाग की टीम ने मौके से उर्वरक का नमूना लिया तथा गोदाम को सीलबंद कर जब्ती की कार्रवाई की। मौके पर लगभग 600 सफेद प्लास्टिक बोरी उर्वरक पाए गए।

सहायक संचालक कृषि लुकमान साहू केबताया कि टीम द्वारा उर्वरक नियंत्रण आदेश के उल्लंघन पर संबंधित व्यक्ति को नोटिस जारी कर नियमानुसार कार्रवाई की गई।
बेखौफ बिक रहा बिना लाइसेंस के खाद बीज
जिले में कृषि विभाग की लगातार ताबड़तोड़ कार्रवाई से खाद-बीज कारोबारियों और कृषि केंद्र संचालकों के बीच हड़कंप मच गया है। खासकर अवैध रूप से खाद और कीटनाशक बेचने वाले व्यापारियों पर विभाग की नजर तेज हो गई है। सूत्रों के मुताबिक हाल ही में क्षेत्र में भारी मात्रा में खाद की खेप पहुंची है, जबकि कई व्यापारी बिना वैध लाइसेंस के ही खुलेआम खाद-बीज का कारोबार कर रहे हैं।
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सूत्रों का यह भी दावा है कि कार्रवाई से बचने के लिए कुछ कारोबारियों ने राजनीतिक पहुंच का इस्तेमाल करने की कोशिश करते जिससे प्रशासन गिने चुने ही कार्यवाई कर खानापूर्ति करते है ।
| कई केंद्रों में अमानक दवाइयों की बिक्री
क्षेत्र में बड़ी संख्या में कृषि केंद्र संचालित हो रहे हैं, जिनमें कई केंद्र ऐसे लोगों द्वारा चलाए जा रहे हैं जिन्हें कृषि संबंधी पर्याप्त जानकारी तक नहीं है। किसानों की शिकायत है कि कई केंद्रों में अमानक दवाइयों की बिक्री की जाती है और दवा उपयोग की सही जानकारी भी नहीं दी जाती। महंगे दामों पर दवाइयां बेचकर किसानों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। |
पिछले साल बाजार अतरिया के पास डुंडा गांव के एक किसान की लगभग 10 एकड़ फसल गलत दवाई देने के कारण खराब हो गई थी। आरोप है कि संबंधित कृषि केंद्र संचालक ने आज तक किसान को मुआवजा नहीं दिया।
कई कृषि केंद्र बिना प्रिंसिपल सर्टिफिकेट और नवीनीकरण के दवाइयों की बिक्री कर रहे हैं, जिससे शासन को राजस्व नुकसान भी हो रहा है। अब उम्मीद की जा रही है कि प्रशासन द्वारा व्यापक जांच अभियान चलाया जाएगा।![]()


