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खत्म हो रहा IT का सुनहरा दौर, दुनिया भर की बड़ी टेक कंपनियों में इस समय चल रही है छंटनी, मई में अब तक 25,000 लोगों की छूटी नौकरी

खत्म हो रहा IT का सुनहरा दौर, दुनिया भर की बड़ी टेक कंपनियों में इस समय चल रही है छंटनी, मई में अब तक 25,000 लोगों की छूटी नौकरी
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खत्म हो रहा IT का सुनहरा दौर, दुनिया भर की बड़ी टेक कंपनियों में इस समय चल रही है छंटनी, मई में अब तक 25,000 लोगों की छूटी नौकरी

नेशनल खबर डेस्क खबर 24×7 नई दिल्ली // दुनिया भर की बड़ी टेक कंपनियों में इस समय छंटनी का दौर लगातार जारी है। साल 2026 में अब तक हजारों कर्मचारी अपनी नौकरी गंवा चुके हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक मई 2026 के दो हफ्तों में ही करीब 25 हजार टेक कर्मचारियों की नौकरी चली गई। सबसे बड़ी बात ये है कि ज्यादातर कंपनियां अब एआई यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर ज्यादा फोकस कर रही हैं और इसी वजह से कर्मचारियों की संख्या कम की जा रही है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पेपाल, सिस्को और क्लाउड फ्लायर जैसी बड़ी कंपनियों ने हजारों कर्मचारियों की छंटनी की है। सबसे ज्यादा चर्चा पेपाल की हो रही है। कंपनी अगले कुछ सालों में अपनी लगभग 20 प्रतिशत वर्कफोर्स कम करने की तैयारी में है। रिपोर्ट्स देखें तो इससे करीब 4700 से ज्यादा कर्मचारी प्रभावित हो सकते हैं। कंपनी अब एआई और ऑटोमेशन पर ज्यादा निवेश करना चाहती है। वहीं, सिस्को ने भी करीब 4000 नौकरियां खत्म करने का फैसला लिया है।

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कंपनी का कहना है कि अब वह एआई और तेजी से बढ़ते टेक सेक्टर पर फोकस करना चाहती है। लगातार हो रही छंटनी की वजह से टेक इंडस्ट्री में काम करने वाले लोगों के बीच डर और अनिश्चितता बढ़ रही है। सोशल मीडिया और रेडिट जैसे प्लेटफॉर्म पर भी लोग नौकरी को लेकर चिंता जाहिर कर रहे हैं। खत्म हो रहा IT का सुनहरा दौर, दुनिया भर की बड़ी टेक कंपनियों में इस समय चल रही है छंटनी, मई में अब तक 25,000 लोगों की छूटी नौकरी

क्या है छंटनी की वजह?

पहले कंपनियां लागत कम करने या बिजनेस घाटे की वजह से कर्मचारियों को निकालती थीं, लेकिन अब तस्वीर बदल रही है। अब एआई को सबसे बड़ा कारण माना जा रहा है। कई कंपनियों का कहना है कि एआई की मदद से कई काम तेजी और कम लागत में हो रहे हैं। ऐसे में कंपनियां छोटी टीम के साथ ज्यादा काम करना चाहती हैं। यही वजह है कि टेक सेक्टर में लगातार रिस्ट्रक्चरिंग यानी बदलाव देखने को मिल रहा है।

लिंक्डइन से लेकर फ्रेशवर्क्स तक असर

छंटनी की मार सिर्फ अमेरिकी कंपनियों तक सीमित नहीं है। लिंक्डइन, फ्रेशवर्क्स, कॉइनबेस और टूकॉलर जैसी कंपनियां भी कर्मचारियों की संख्या घटा रही हैं। फ्रेशवर्क्स ने करीब 500 कर्मचारियों की छंटनी की है। कंपनी का कहना है कि एआई की वजह से काम करने का तरीका तेजी से बदल रहा है।




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