मृत व्यक्ति को जीवित दिखाकर कराई जमीन की रजिस्ट्री, अपराध दर्ज
छत्तीसगढ़ खबर डेस्क खबर 24×7 राजनांदगांव // जिले के सुकुलदैहान पुलिस चौकी क्षेत्र में भूमि हड़पने के लिए कूटरचना और फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल का सनसनीखेज मामला सामने आया है। दो सगी बहनों अंजूबाई और मंजू की शिकायत पर उनके चचेरे भाई सचिन राजपूत समेत अन्य के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं में अपराध पंजीबद्ध किया गया है।
सुनियोजित साजिश से किया फर्जीवाड़ा
सुकुलदैहान थाना प्रभारी के अनुसार ग्राम बागतराई स्थित संयुक्त पारिवारिक कृषि भूमि को हड़पने के लिए आरोपियों ने सुनियोजित साजिश रची। आरोप कि 14 मई 2025 को एक हक त्याग विलेख तैयार कर पंजीकृत कराया गया, जिसमें मृत माता त्रिवेणी बाई राजपूत को जीवित दर्शाया गया। इतना ही नहीं, अन्य मृत व्यक्तियों के नाम से भी फर्जी हस्ताक्षर कर दस्तावेजों को वैध रूप देने की कोशिश की गई।

प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ कि फर्जी आधार कार्ड, फोटो और हस्ताक्षरों का उपयोग कर पूरी कूटरचना को अंजाम दिया गया। विवादित जमीन को 12 जनवरी 2026 को एक अन्य व्यक्ति को बेच दिया गया। जांच के दौरान शिकायतकर्ताओं और गवाहों के बयान दर्ज किए गए तथा उप पंजीयक कार्यालय से दस्तावेज जुटाए गए।
मिला पर्याप्त साक्ष्य, अपराध दर्ज
पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद आरोपी सचिन राजपूत एवं अन्य के खिलाफ धारा 318(4), 338, 336(3), 340 (2) और 61 बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि विरोध करने पर उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी गई। पुलिस का कहना है कि मामले की गहन जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।


