Breaking
Wed. May 13th, 2026

बैगलेस डे से बच्चों में निखर कर सामने आ रही है बच्चों में छुपी प्रतिभा

बैगलेस डे से बच्चों में निखर कर सामने आ रही है बच्चों में छुपी प्रतिभा
खबर शेयर करें..

छत्तीसगढ़ खबर डेस्क खबर 24×7 गरियाबंद // छत्तीसगढ़ सरकार की अभिनव योजना बैगलेस डे (बस्ता रहित दिवस) शनिवार को रहता है। शासन के निर्देशानुसार प्रत्येक शनिवार को विद्यालय में बच्चों के सर्वांगीण विकास हेतु बैकलेस डे में अलग-अलग क्रियाकलाप किया जाता है। बैकलेस डे ( Bagless Day) की इसी कड़ी में गरियाबंद जिला छूरा ब्लॉक के संकुल केंद्र अतरमरा मे सभी प्राथमिक एवं माध्यमिक शाला अतरमरा,  दिवना, रजनकट्टा, कुरुद, खट्टी, कुम्हरमरा मे बस्ता रहित दिवस पर गतिविधि किया जाता है। बैकलेस डे ( Bagless Day) शासन की महत्वकांक्षी योजना है।.

    इसे भी पढ़ें4 जिलों मे चोरी..6 आरोपी गिरफ्तार..गैस कटर व गैस सिलेण्डर..स्वराज माजदा भी हुआ बरामद

इस योजना के क्रियान्वयन में जिला शिक्षा अधिकारी डीएस चौहान, जिला मिशन समन्वयक श्याम चंद्राकर के कुशल मार्गदर्शन में अतरमरा संकुल प्रभारी प्राचार्य बी देवांगन तथा संकुल समन्वयक विनोद सिन्हा के कुशल नेतृत्व में विभिन्न प्रकार के खेलकूद, शैक्षणिक, बौद्धिक गतिविधियां हो रही है। बस्ता रहित दिवस में प्रत्येक शनिवार को समय सारणी के अनुसार अलग-अलग गतिविधियां जैसे खेलकूद प्रतियोगिता, फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता, वाद-विवाद, रंगोली, चित्रकारी,नाटक, कहानी, व्यायाम प्रदर्शनी, स्वच्छता संबंधित क्रियाकलाप,नृत्य, एफएलएन पर गतिविधि एवं विभिन्न प्रकार के गतिविधियों  का आयोजन किया जाता है। ( Bagless Day)

solar pinal
solar pinal

प्रति शनिवार को स्कूलों में बिना बैग के जाते है बच्चे

संकुल मे पदस्थ  सभी ऊर्जावान शिक्षकों के द्वारा  के द्वारा प्रत्येक शनिवार को व्यायाम प्रदर्शन के साथ आकर्षक झांकी और म्यूजिक के साथ योगा नृत्य करते हैं। जिससे प्रेरित होकर बच्चे भी  म्यूजिक के साथ योगा डांस करते हैं। शासन के इस अभिनव योजना का असर यहां के बच्चों में साफ साफ दिखाई देता है। बच्चे खेल कूद व अन्य गतिविधियों में  हमेशा आगे रहते हैं। बस्ता रहित दिवस के आकर्षक गतिविधियों के कारण अन्य शैक्षणिक दिवस के अपेक्षा शनिवार को बच्चों की उपस्थिति शाला में शत प्रतिशत रहता है। सभी इस मस्ती की पाठशाला मे खूब झूमते हैं। ( Bagless Day)बैगलेस डे से बच्चों में निखर कर सामने आ रही है बच्चों में छुपी प्रतिभा

सोशल मिडिया से जुड़ने क्लिक करें..
Ad by study point kgh

बस्ता रहित दिवस को सफल बनाने में शाला प्रबंधन समिति के सदस्य,पालक गन, जनप्रतिनिधियों का बहुत ही महत्वपूर्ण योगदान है। शनिवार को समुदाय की सक्रिय सहभागिता विद्यालय में  देखने को मिलता है। तथा पालकों के द्वारा आवश्यक सुझाव भी प्राप्त होता है। एक दिन पूर्व होता है रूपरेखा तैयार बस्ता रहित दिवस को सफल बनाने के लिए 1 दिन पूर्व अर्थात शुक्रवार को ही आगामी दिवस की कार्य योजना बच्चों को बताई जाती है। ताकि बच्चे आवश्यक तैयारी के साथ विद्यालय में अपनी उपस्थिति प्रदान कर सके। ( Bagless Day)

      इसे भी पढ़ें: आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने 6 सूत्रीय मांगों को लेकर कही ये बात..प्रदर्शन की भी दी चेतावनी

खेल के माध्यम से बौद्धिक और मानसिक विकास

शासकीय प्राथमिक शाला दीवना अपने विभिन्न शैक्षणिक कार्य चाहे किचन गार्डन हो या विभिन्न गतिविधियां हमेशा सुर्खियों में रहते हैं। इसी तरह बस्ता रहित दिवस में विभिन्न कार्य किए हैं जैसे पर्यावरण संबंधी कार्य, अपने आसपास की साफ-सफाई के अलावा समुदाय के साथ वृक्षारोपण का भी कार्य, फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता, खेल खेल में शिक्षा जैसे शतरंज, लूडो, कैरम, रस्सी दौड़ आदि खेल कर अपना बौद्धिक और मानसिक विकास करते हैं। ( Bagless Day)

दैनिक अखबार पठन, जिससे उन्हें सभी प्रकार के देश-विदेश और आसपास की खबरों की जानकारी हो जाती है। वास्तव में सरकार की बस्ता रहित दिवस बहुत ही अच्छी पहल है। सभी बच्चे शनिवार को अपने मानसिक संतुलन स्थापित करते हैं। सरकार की इस योजना का परिणाम प्राथमिक शाला दीवना में  बहुत ही अच्छा साबित हो रहा है। ( Bagless Day)


खबर शेयर करें..

Related Post

error: आपका बहुत-बहुत धन्यवाद !!
Study point, kcg