Breaking
Tue. May 19th, 2026

पीडब्ल्यूडी की अजूबा सड़क, बीच में खंभे और हैंडपंप..

PWD's Bizarre Road: Poles and Hand Pumps Right in the Middle पीडब्ल्यूडी की अजूबा सड़क, बीच में खंभे और हैंडपंप.. कई जगहों पर ऊंची-नीची, सोल्डर बनने के कुछ दिन बाद ही धंसने लगे
खबर शेयर करें..

पीडब्ल्यूडी की अजूबा सड़क, बीच में खंभे और हैंडपंप.. 

छत्तीसगढ़ खबर डेस्क खबर 24×7 कवर्धा // जिले में प्रदेश के उप मुख्यमंत्री से लेकर सांसद और विधायक द्वारा तथा कथित प्रयास कर करोड़ों के विकास एवं निर्माण कार्य स्वीकृत कराए जा रहे हैं और प्रायः हर रोज मजमा लगाकर इन स्वीकृत विकास एवं निर्माण कार्यों कहीं भूमिपूजन तो कहीं लोकार्पण किया जा रहा है। लेकिन संबंधित कार्य ऐजेसिंया और उनके ठेकेदार आम जनता की सुविधाओं और जिले के विकास के नाम स्वीकृत इन निर्माण कार्यों का किस ढंग से मूर्तरूप दे रहे हैं यह देखने की फुर्सत किसी के  पास नहीं है। kawardha news

solar pinal
solar pinal

ऐसी ही अनदेखी के बीच जिले में कार्य ऐजेंसी लोक निर्माण का एक अजूबा सामने आया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार कवर्धा जिले में निर्माणाधीन पिपरिया-गांगपुर सड़क इन दिनों लोगों के बीच चर्चा और नाराजगी का कारण बनी हुई है। करोड़ों रुपये की लागत से तैयार हो रही इस सड़क के बीचोंबीच बिजली के खंभे और हैंडपंप छोड़े जाने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। kawardha news

सोशल मिडिया से जुड़ने क्लिक करें..
Ad by study point kgh

सड़क निर्माण की तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं, जिन्हें लोग अजूबा सड़क का नाम दे रहे हैं। जानकारी के अनुसार लोक निर्माण विभाग द्वारा लगभग 4 करोड़ रुपये की लागत से पिपरिया से गांगपुर तक करीब 3.80 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण कराया जा रहा है।पीडब्ल्यूडी की अजूबा सड़क, बीच में खंभे और हैंडपंप.. कई जगहों पर ऊंची-नीची, सोल्डर बनने के कुछ दिन बाद ही धंसने लगे PWD's Bizarre Road: Poles and Hand Pumps Right in the Middle

विभाग के अधिकारी अपनी अनदेखी पर अब दे रहे सफाई

मामले के सामने आने के बाद पीडब्ल्यूडी विभाग ने सफाई देते हुए कहा है कि बिजली खंभे हटाने के लिए विद्युत विभाग से अनुमति मांगी गई थी, लेकिन अनुमति मिलने में देरी हुई। विभागीय अधिकारियों के अनुसार शेष खंभों और हैंडपंप को जल्द ही शिफ्ट किया जाएगा तथा निर्माण कार्य में आवश्यक सुधार भी किए जाएंगे। इधर पिपरिया और आसपास के गांवों के लोगों ने पूरे मामले की स्वतंत्र जांच कराने की मांग उठाई है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी राशि से बनने वाली सड़क यदि शुरुआत से ही सवालों के घेरे में हो, तो इसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ता है। लोगों ने जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

निर्माण में बरती गई भारी अनियमितता

स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क निर्माण से पहले बिजली खंभों और हैंडपंप को हटाया जाना चाहिए था, लेकिन ठेकेदार द्वारा जल्दबाजी में निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया। ग्रामीणों के मुताबिक सड़क कई स्थानों पर ऊंची-नीची दिखाई दे रही है, जबकि सड़क किनारे बनाए गए शोल्डर भी शुरुआती दौर में धंसने लगे हैं। इससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि सड़क के बीच मौजूद बिजली पोल और हैंडपंप आने वाले समय में बड़े हादसों का कारण बन सकते हैं। kawardha news




खबर शेयर करें..

Related Post

Leave a Reply

error: आपका बहुत-बहुत धन्यवाद !!
Study point, kcg