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Wed. May 13th, 2026

संजीवनी हास्पिटल का कारनामा..पहले नकद राशि ली..आयुष्मान कार्ड से भी काट लिए 65 हजार

संजीवनी हास्पिटल का कारनामा..
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छत्तीसगढ़ खबर डेस्क खबर 24×7 राजनांदगांव // चिखली में संचालित संजीवनी हार्ट केयर एंड सुपर स्पेशलिटी हास्पिटल में मरीज से इलाज के नाम पर नकद राशि लेने के बाद आयुष्मान कार्ड से भी राशि काटने की शिकायत सामने आई है। मामले की शिकायत पीड़ित मरीज व परिजनों ने सीएमएचओ से करते हुए जांच के बाद कार्रवाईं की मांग की है। उक्त हॉस्पिटल की महीनेभर में यह तीसरी शिकायत है। एक मामले की जांच भी पूरी हो चुकी है। बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। आयुष्मान कार्ड से निजी अस्पताल में हो रहे लूट के खेल का पत्रिका खबर में ने पहले ही खुलासा किया था।.

खबर के मुताबीक तिलई निवासी पोखन देवांगन ने बताया कि उन्होंने पत्नी झुना बाई देवांगन को बच्चादानी इलाज के लिए संजीवनी हार्ट केयर एंड सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में 7 नवंबर को भर्ती कराया। डॉक्टरों ने बच्चादानी ऑपरेशन के लिए उन्हें 25 हजार रुपए का खर्च बताया।

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9 नवंबर को ऑपरेशन से पहले 25 हजार रुपए जमा कराया गया। मरीज का आयुष्मान कार्ड मंगवाकर उसे भी लगा दिया गया। कार्ड से राशि कटने की जानकारी अस्पताल प्रबंधन द्वारा मरीज व परिजनों को नहीं दी गई। शिकायतकर्ता ने बताया कि 14 नवंबर को उनकी पत्नी की छुट्टी होनी थी। इससे पहले अस्पताल प्रबंधन ने 13 नवंबर को फिर से महिला का फिंगर लिया। वह बेड में लेटी थी और वहीं लैपटॉप ले जाकर फिंगर प्रिंट लिया गया।

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संजीवनी हास्पिटल का कारनामा..

पोखन ने बताया कि कार्ड से 6-7 हजार कटने की बात कही, लेकिन जब उन्होंने सीएमएचओ कार्यालय से कार्ड में हुए बिलिंग की जानकारी निकाली तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ। कार्ड से 64 हजार रुपए लिया गया है। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर धोखाधड़ी कर कार्ड से रुपए निकालने का आरोप लगाते हुए मामले की जांच व कार्रवाई की मांग की है।

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मरीज व परिजन झूठ बोल रहे : प्रबंधन

अस्पताल के मैनेजर शिवेंद्र राजपूत का कहना है कि मरीज को खून की कमी थी। इसमें कई तरह की जांच के बाद उसे ब्लड चढ़ाया गया है। इसे ब्लड ट्रांसफ्यूजन कहा जाता है। बीमारी का इलाज आयुष्मान कार्ड के माध्यम से हुआ है। इसमें रक्त के खोए हुए घटकों को बदलने के लिए विभिन्न चिकित्सा पद्धति का उपयोग होता है। इसकी जानकारी मरीज व परिजन को शुरू से दी गई थी। अब मरीज व परिजन झूठ बोल रहे हैं।


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