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Thu. Apr 23rd, 2026

रंगोत्सव शोभायात्राः भगवान राधा-कृष्ण के संग रंगों में सराबोर हुआ शहर

रंगोत्सव शोभायात्राः भगवान राधा-कृष्ण के संग रंगों में सराबोर हुआ शहर
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रंगोत्सव शोभायात्राः भगवान राधा-कृष्ण के संग रंगों में सराबोर हुआ शहर

छत्तीसगढ़ खबर डेस्क खबर 24×7 राजनांदगांव // फागुन माह के उल्लास और भक्ति-भाव के बीच शहर सहित जिलेभर में होली पर्व धूमधाम से मनाया गया। कामठी लाइन स्थित श्री सत्यनारायण मंदिर समिति की ओर से पारंपरिक रंगोत्सव शोभायात्रा बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ निकाली गई।

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भगवान राधा कृष्ण को आकर्षक रूप से सजे रथ पर विराजमान कर निकली इस शोभायात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। गुलाल, केसरिया रंग और फागुन के भजनों के बीच पूरा नगर भक्तिमय और उत्सवी रंग में रंग गया।

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कार्यक्रम में श्याम परिवार मित्र मंडल के अध्यक्ष सौरभ अग्रवाल ने भगवान राधा-कृष्ण की पूजा-आरती कर शोभायात्रा को विधिवत रवाना किया। इस दौरान महापौर मधुसूदन यादव, विधायक प्रतिनिधि संतोष अग्रवाल और भाजपा जिला अध्यक्ष कोमल सिंह राजपूत भी शोभायात्रा में शामिल होकर नगर भ्रमण करते रहे।

रंगोत्सव शोभायात्राः भगवान राधा-कृष्ण के संग रंगों में सराबोर हुआ शहर

इन मार्गों से गुजरी शोभायात्रा

शोभायात्रा सुबह लगभग 9.30 बजे मंदिर परिसर से प्रारंभ हुई। वहां से भारत माता चौक, हलवाई लाइन, आजाद चौक, सिनेमा लाइन, महाकाल चौक, जगन्नाथ मंदिर मार्ग, गौशाला पारा, तेली पारा, जैन दादा बाड़ी मंदिर, जैन मंदिर, रामदेव बाबा मंदिर, गंज बालाजी मंदिर, गंज लाइन और तिरंगा चौक सहित नगर के विभिन्न मार्गों से होती हुई पुनः सत्यनारायण मंदिर पहुंची।

दोपहर करीब 12.30 बजे यात्रा का समापन हुआ। मंदिर समिति के अध्यक्ष अशोक लोहिया ने बताया कि यह आयोजन सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक परंपरा का प्रतीक है, जो सालों से लोगों को मर्यादित और सकारात्मक वातावरण में होली मनाने की प्रेरणा देता आ रहा है।

भक्त और भगवान के साथ रंग खेलने है की परंपरा

मंदिर समिति की ओर से प्राकृतिक फूलों से तैयार सुगधित केसरिया रंग की व्यवस्था की गई थी। रथ से श्रद्धालुओं पर रंग की फुहार डाली गई, जिससे भक्त और भगवान के साथ रंग खेलने की अनूठी परंपरा जीवंत हो उठी। यात्रा मार्ग में कई स्थानों पर नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने ठंडाई, मिठाई, फल और जलपान से श्रद्धालुओं का स्वागत किया। ढोल-नगाड़ों और फागुन गीतों की धुन पर युवक, बच्चे और बुजुर्ग नृत्य करते हुए शोभायात्रा में शामिल हुए।




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