कपूर खानदान की बहू बनने को बेकरार थी ये मुस्लिम एक्ट्रेस.. एक नियम इस सपने के बीच बना अड़चन
मनोरंजन खबर डेस्क खबर 24×7 मुंबई // हिंदी सिनेमा की शुरुआत से ही इंडस्ट्री में कपूर खानदान का दबदबा रहा है. कपूर परिवार ने इंडस्ट्री को एक से बढ़कर एक कलाकार दिए हैं. कई कलाकारों ने अपनी एक्टिंग के साथ-साथ अपनी पर्सनालिटी से भी फैंस का दिल जीता है. कुछ ऐसा ही जलवा था दिवंगत शम्मी कपूर का भी. एक बेहतरीन एक्टर होने के साथ-साथ फैंस उन्हें काफी हैंडसम एक्टर भी मानते थे. दिग्गज एक्ट्रेस मुमताज भी उन पर फिदा थीं और उनसे शादी करना चाहती थीं. लेकिन, एक नियम के कारण ऐसा नहीं हो सका.
मुमताज 70 के दशक की दिग्गज अदाकाराओं में गिनी जाती हैं. उन्होंने अपने करियर में एक से बढ़कर एक फिल्में दी हैं. राजेश खन्ना जैसे सुपरस्टार के साथ बड़े पर्दे पर उनकी जोड़ी को खूब पसंद किया गया था. दोनों के अफेयर की अफवाहें भी उड़ी थीं. लेकिन, मुमताज का दिल राजेश खन्ना नहीं, बल्कि शम्मी कपूर के लिए धड़कता था. दोनों के बीच उम्र में 17 से 18 साल का था फासला था, लेकिन इससे भी मुमताज को कोई परहेज नहीं था.

‘मैं उनसे शादी करना चाहती थी’
मुमताज ने अपने एक इंटरव्यू में शम्मी कपूर को लेकर बात करते हुए कहा, ”शम्मी कपूर बहुत हैंडसम थे और मुझे वो पसंद थे. छिपाने के लिए कुछ भी नहीं था, इनकार करने के लिए कुछ भी नहीं था. हमारे बीच 17 से 18 साल का अंतर था, लेकिन मुझे इसकी परवाह नहीं थी. मैं उनसे शादी करना चाहती थी. जिससे भी उन्होंने शादी की वो बहुत अच्छी इंसान और अच्छी हाउसवाइफ हैं. लेकिन पापा जी (राज कपूर) उन दिनों बहुत सख्त थे.

इस नियम के कारण नहीं बनी बात
कपूर खानदान में उस वक्त नियम था कि घर की बहू बाहर या फिल्मों में काम नहीं करेगी. मुमताज ने आगे कहा, ”जब तक वो (राज कपूर) जीवित थे, एक नियम था कि घर की बहू काम नहीं करेगी. ये साफ और सीधा नियम था.” लेकिन, मुमताज शादी के बाद भी फिल्मों में काम करना चाहती थीं और शम्मी से शादी करने का उनका सपना अधूरा रह गया.
मयूर माधवानी संग बसाया था घर
शम्मी कपूर ने पहली शादी 1955 में गीता बाली से की थी. 1965 में उनका तलाक हो गया था. वहीं उनकी दूसरी शादी साल 1969 में नीला देवी से हुई. वहीं मुमताज ने आगे जाकर बिजनेसमैन मयूर माधवानी के साथ घर बसाया था. दोनों की शादी साल 1973 में हुई थी. कपल ने इसके बाद दो बेटियों नताशा माधवानी और तान्या माधवानी का वेलकम किया था.
This Muslim actress was eager to become the daughter-in-law of the Kapoor family. One rule became an obstacle to this dream. . source tv9


