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सावधान : भारत में वैश्विक औसत से दोगुने हुए साइबर हमले..छह महीने में हुई 2127 घटना

सावधान : भारत में वैश्विक औसत से दोगुने हुए साइबर हमले..छह महीने में हुई 2127 घटना Caution: Cyber attacks in India are double the global average. 2127 incidents in six months.
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नेशनल खबर डेस्क खबर 24×7 बेंगलूरु // वैश्विक औसत की तुलना में भारत में साइबर हमलों की संख्या लगभग दोगुनी हुई है। राष्ट्रीय साइबरे सुरक्षा समन्वयक एमयू नायर ने रविवार को सिनर्जिया कॉन्क्लेव 2023′ में एक सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि 10 महीने में औसतन लगभग 1.54 अरब यूएस डॉलर की फिरौती लिए कई रैंसमवेयर हमले हुए जो 2022 के बाद से दोगुना हो गया है।

 

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भारतीय साइबरस्पेस में पिछले छह महीनों के दौरान औसतन 2127 ऐसी घटनाएं  सामने आई हैं, जो वैश्विक औसत 1108 से कहीं अधिक है। नायर ने कहा कि साइबर जगत में इस तरह के हमले रोकने के लिए सभी देशों के एकजुट होने का समय आ गया है।सावधान : भारत में वैश्विक औसत से दोगुने हुए साइबर हमले..छह महीने में हुई 2127 घटना Caution: Cyber attacks in India are double the global average. 2127 incidents in six months.

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उभरती चुनौतियों के हल के लिए पहल जरूरी

नायर ने कॉन्क्लेव में कहा कि कई अंतरराष्ट्रीय पहल साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में उभरती चुनौतियों का समाधानं कर रही हैं। ऐसा ही प्रयास संयुक्त राष्ट्र सरकारी विशेषज्ञों के समूह की तरफ से हो रहा है। इसने 2021 में एक रिपोर्ट दी, जिसपर चलने से अंतरराष्ट्रीय साइबर सुरक्षा के विकास में अहम योगदान मिल सकता है। source:




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खैरागढ़ में चैत्र नवरात्र की तैयारी पूरी, कल होगी ज्योति कलश स्थापना खैरागढ़। नगर सहित पूरे क्षेत्र के देवी मंदिरों में चैत्र नवरात्र को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। बुधवार से प्रारंभ हो रहे वासंती नवरात्रि के अवसर पर शहर के प्रमुख मां दंतेश्वरी माता मंदिर, मां शीतला मंदिर सहित सभी देवी मंदिरों में ज्योति कलश की स्थापना की जाएगी। मां दंतेश्वरी मंदिर के पुजारी डॉ. मंगलानंद झा ने बताया कि यह मंदिर खैरागढ़ का सबसे प्राचीन देवी मंदिर है, जहां हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु नवरात्रि के दौरान पहुंचते हैं। उन्होंने बताया कि चैत्र प्रतिपदा से हिंदू नववर्ष की भी शुरुआत होती है और इस बार विक्रम संवत 2083 का नाम ‘रुद्र’ संवत्सर रहेगा। उन्होंने नवरात्रि के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वर्ष में चार नवरात्रि होती हैं, लेकिन आश्विन और चैत्र नवरात्रि विशेष रूप से प्रमुख मानी जाती हैं। चैत्र नवरात्रि को वासंती नवरात्रि भी कहा जाता है। मुहूर्त को लेकर फैली भ्रांतियों पर उन्होंने स्पष्ट किया कि ज्योति प्रज्वलन का कोई विशेष मुहूर्त नहीं होता, बल्कि कलश स्थापना, नवग्रह, गौरी-गणेश, सप्तमातृका, षोडश मातृका और योगिनी की स्थापना के लिए निश्चित समय होता है। मां दंतेश्वरी मंदिर में दोपहर 12 बजे से 1 बजे के बीच विधिवत पूजा-अर्चना के साथ कलश स्थापना की जाएगी। इसके बाद शाम के समय श्रद्धालु अपने नाम से स्थापित ज्योति कलश प्रज्वलित करेंगे। मंदिर प्रबंधन के अनुसार मां दंतेश्वरी मंदिर में इस वर्ष करीब 330 ज्योति कलश स्थापित किए जाएंगे, जबकि इतवारी बाजार स्थित मां शीतला मंदिर में लगभग 250 ज्योति कलश स्थापित होंगे। खास बात यह है कि मां दंतेश्वरी मंदिर में देश ही नहीं, बल्कि विदेशों से भी श्रद्धालु अपनी आस्था के अनुसार ज्योति प्रज्वलित करवाते हैं। अबू धाबी, जर्मनी और कनाडा जैसे देशों में रह रहे श्रद्धालु भी मंदिर से जुड़े रहते हैं और नवरात्रि में अपनी सहभागिता निभाते हैं। चैत्र नवरात्रि को लेकर पूरे खैरागढ़ में भक्ति और उत्साह का माहौल देखा जा रहा है।