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कलेक्टर्स- एसपी सुबह 10 से पहले पहुंचें दफ्तर वरना खैर नहीं

इन कर्मचारियों को राज्य सरकार का अल्टीमेटम: आवश्यक सेवाओं में कार्य करने से इंकार किया जाना प्रतिषेध…आदेश तत्काल प्रभाव से हुआ लागू
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छत्तीसगढ़ खबर डेस्क खबर 24×7 रायपुर // मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सरकार ने सुशासन की दिशा में कोशिशे तेज कर दी है। इसकी शुरुआत साल के पहले दिन एक जनवरी को मुख्यमंत्री ने मंत्रालय में चेतावनी बैठक से शुरू की।

बैठक के बारे में आधिकारिक जानकारी ये दी गई कि कामकाज में कसावट लाने मुख्यमंत्री ने बैठक ली. है मगर महत्वपूर्ण यह भी कि बैठक के शुरू में ही मुख्यमंत्री में अफसरों को टाइमिंग और कामकाज में ढिलाई को लेकर गहरी नाराजगी जताई थी।

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इसके बाद मुख्यमंत्री सचिवालय हरकत में आया। दो जनवरी को मुख्यमंत्री सचिवालय ने पैगाम जारी किया और तीन जनवरी से मंत्रालय एक्शन मोड में आ गया। दोपहर तक वीरान रहने वाला मंत्रालय अब सुक्छ दस बजे से गुलजार हो गया है। प्रदेश भर के कलेक्टर्स को अब हर हाल में सुबह 10 बजे से पहले कार्यालय पहुंचना होगा। यही नहीं उन्हें पूरे जिलों में इसे कड़ाई से लागू कराना होगा।

 

कलेक्टरों से कहा गया है कि हफ्ते में दो दिन जिलों का दौरा कर देखें कि बाकी सभी ऑफ्सिों में टाइमिंग के साथ ही सही ढंग से काम हो रहा है या नहीं। राज्य शासन की योजनाओं का सही ढंग से क्रियान्वयन हो और काम घरातल पर नजर आए इस उद्देश्य से अब कलेक्टर्स को अनिवार्य रूप से सप्ताह में दो दिन फर्स्ट हाफ लोगों से मुलाकात के लिए रखना होगा।

 

मुलाकात के दौरान उनकी समस्याओं को सुनने और निराकरण की दिशा में गंभीरता के साथ काम करना होगा। सप्ताह में कौन से दो दिन लोगों के बीच मुलाकात और संवाद स्थापित करना है, राज्य सरकार ने इसके लिए कलेक्टर्स को छूट से है।

सुविधानुसार सप्ताह में दो दिन निर्धारित करने का काम कलेक्टर्स खुद करेंगे। पर यह भी शतं है कि जो दिन के तय करेंगे, हर हाल में लोगों से मिलना और उनकी दिवालों को दूर करने का काम करना होगा।

 

सरकार का मानना है कि जिले के मुखिया के लोगों से सीधा संवाद को स्थिति में कामकाज में पारदर्शिता आने के साथ ही विभागों के संबंध में भी कलेक्टर को सीधी जानकारी मिलती रहेगी। केंद्र व राज्य शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन के संबंध में पीडबैक भी मिलता रहेगा।

सप्ताह के दो दिन लोगों से मुलाकात करने के अलावा दो दिन अपने प्रभार वाले जिले के ग्रामीण क्षेत्रों का दौरा भी करना होगा। इन दो दिनों में कलेक्टर्स अपने जिले में केंद्र व राज्य शासन की योजनाओं को हकीकत देखेंगे। अधूरे काम को पूरा कराने की योजनाएं बनाएंगे। लापरवाह अफसरों पर नकेल कसेंगे। इन कर्मचारियों को राज्य सरकार का अल्टीमेटम: आवश्यक सेवाओं में कार्य करने से इंकार किया जाना प्रतिषेध…आदेश तत्काल प्रभाव से हुआ लागू

जीएडी सचिव मुकेश बंसल बोले

मुख्यमंत्री के सचिव के साथ सामाज्य प्रशासन विभाग के सचिव मुकेश बंसल ने सरकार के ताजा फहमान की पुष्टि की है। मुकेश बंसल ने कहा कलेक्टर- एसपी को जिले में टाइमिंग के साथ ही सरकारी कामकाज में तेजी लाने कहा गया है। कलेक्टर, एसपी को सुबह दस बजे से पहले ऑफिस पहुंचना होगा।

मुकेश बंसल ने कहा कि सीएम साहब का ये भी निर्देश है कि कलेक्टर, एक साथ में जिलों का दौरा करें। कामकाज में दिलाई अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि जो भी इस निर्देश को ओवरलुक करेगा, उसके खिलाफ सथत कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री सचिवालय द्वारा इसकी मानिटरिंग की जाएगी।

Collectors and SPs should reach office before 10 AM or else they will be in trouble




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