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इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय में प्रवेश के लिए आज से पहली काउंसलिंग, पंजीयन अब 15 जुलाई तक

इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ में स्नातक/स्नातकोत्तर और डिप्लोमा के नियमित कक्षाओं के लिए प्रवेश की प्रक्रिया जारी है। शैक्षणिक सत्र 2023-24 हेतु प्रवेश पंजीयन शुरू हो चुका है। प्रवे
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छत्तीसगढ़ खबर डेस्क खबर 24×7 खैरागढ़। इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ में स्नातक/स्नातकोत्तर और डिप्लोमा के नियमित कक्षाओं के लिए प्रवेश की प्रक्रिया जारी है। शैक्षणिक सत्र 2023-24 हेतु प्रवेश पंजीयन शुरू हो चुका है। प्रवेश हेतु पंजीयन कराने की अंतिम तिथि 30 जून को बढ़ाकर 15 जुलाई किया गया है। यानी, प्रवेश के इच्छुक विद्यार्थी 15 जुलाई तक पोर्टल के जरिए पंजीयन करा सकते हैं।

जून तक पंजीकृत विद्यार्थी का हुआ काउंसिलिंग

30 जून तक पंजीकृत विद्यार्थियों के लिए 12, 13 और 14 जुलाई को काउंसिलिंग हुआ। प्रवेश हेतु पहली सूची 15 जुलाई को जारी होगी, जबकि 30 जून से 15 जुलाई तक होने वाले प्रवेश पंजीयन के लिए काउंसलिंग की तिथि पृथक से घोषित की जायेगी। उल्लेखनीय यह भी है कि इस शैक्षणिक सत्र में प्रदेश में 4 नए शैक्षणिक संस्थानों को विश्वविद्यालय से मान्यता और संबद्धता दी गई है, जहां विद्यार्थी प्रवेश लेकर अध्ययन कर सकते हैं।इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ में स्नातक/स्नातकोत्तर और डिप्लोमा के नियमित कक्षाओं के लिए प्रवेश की प्रक्रिया जारी है। शैक्षणिक सत्र 2023-24 हेतु प्रवेश पंजीयन शुरू हो चुका है। प्रवे

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विवि के कुलसचिव ने बताया कि नए शैक्षणिक सत्र में प्रवेश के लिए विश्वविद्यालय की वेबसाइट www.iksv.ac.in (क्लिक करें) पर लॉग-ऑन करके पंजीयन कराया जा सकता है। जिन चार नए संस्थानों को मान्यता और संबद्धता दी गई है, उनमें शासकीय ई. राघवेंद्र राव नवीन शासकीय संगीत महाविद्यालय, अंबिकापुर (सरगुजा), बस्तर एकेडमी ऑफ डांस, आर्ट एंड लिटरेचर (बादल), आसना जगदलपुर (बस्तर), शासकीय विश्वनाथ यादव तामस्कर स्नातकोत्तर स्वशासी महाविद्यालय दुर्ग और शासकीय ई राघवेंद्र राव स्नातकोत्तर महाविद्यालय बिलासपुर शामिल हैं।

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उल्लेखनीय है कि कला, संगीत, अभिनय, लोक संगीत, शास्त्रीय नृत्य, विभिन्न प्रकार के वाद्ययंत्रों का वादन, मूर्तिकला, क्रॉफ्ट एंड डिजाइन आदि प्रदर्शन कला और दृश्य कला की गुणवत्तापूर्ण पढ़ाई के लिए इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय पूरे विश्व में लब्ध प्रतिष्ठित है।

हेल्पलाइन नंबर जारी

कुलपति पद्मश्री डॉ. ममता (मोक्षदा) चंद्राकर ने विश्वविद्यालय के अधिकारियों और कर्मचारियों की बैठक लेकर कहा है कि विद्यार्थियों को प्रवेश प्रक्रिया में कोई अड़चन का सामना ना करना पड़े, इसलिए हेल्पलाइन मोबाइल नंबर जारी किए जाएं, ताकि विद्यार्थी उन मोबाइल नंबरों पर कॉल करके मदद ले सकें। किसी भी विद्यार्थी को प्रवेश संबंधी विस्तृत जानकारी वेबसाइट से मिल जायेगी। वेबसाइट से पंजीयन की प्रक्रिया पूरी की जा सकती है। प्रक्रियागत असुविधा होने पर विश्वविद्यालय के मोबाइल नंबर 7820234232, 9301342604, 90093 12090, 9589258582 और 6260615214 पर संपर्क करके परामर्श लिया जा सकता है।



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खैरागढ़ में चैत्र नवरात्र की तैयारी पूरी, कल होगी ज्योति कलश स्थापना खैरागढ़। नगर सहित पूरे क्षेत्र के देवी मंदिरों में चैत्र नवरात्र को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। बुधवार से प्रारंभ हो रहे वासंती नवरात्रि के अवसर पर शहर के प्रमुख मां दंतेश्वरी माता मंदिर, मां शीतला मंदिर सहित सभी देवी मंदिरों में ज्योति कलश की स्थापना की जाएगी। मां दंतेश्वरी मंदिर के पुजारी डॉ. मंगलानंद झा ने बताया कि यह मंदिर खैरागढ़ का सबसे प्राचीन देवी मंदिर है, जहां हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु नवरात्रि के दौरान पहुंचते हैं। उन्होंने बताया कि चैत्र प्रतिपदा से हिंदू नववर्ष की भी शुरुआत होती है और इस बार विक्रम संवत 2083 का नाम ‘रुद्र’ संवत्सर रहेगा। उन्होंने नवरात्रि के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वर्ष में चार नवरात्रि होती हैं, लेकिन आश्विन और चैत्र नवरात्रि विशेष रूप से प्रमुख मानी जाती हैं। चैत्र नवरात्रि को वासंती नवरात्रि भी कहा जाता है। मुहूर्त को लेकर फैली भ्रांतियों पर उन्होंने स्पष्ट किया कि ज्योति प्रज्वलन का कोई विशेष मुहूर्त नहीं होता, बल्कि कलश स्थापना, नवग्रह, गौरी-गणेश, सप्तमातृका, षोडश मातृका और योगिनी की स्थापना के लिए निश्चित समय होता है। मां दंतेश्वरी मंदिर में दोपहर 12 बजे से 1 बजे के बीच विधिवत पूजा-अर्चना के साथ कलश स्थापना की जाएगी। इसके बाद शाम के समय श्रद्धालु अपने नाम से स्थापित ज्योति कलश प्रज्वलित करेंगे। मंदिर प्रबंधन के अनुसार मां दंतेश्वरी मंदिर में इस वर्ष करीब 330 ज्योति कलश स्थापित किए जाएंगे, जबकि इतवारी बाजार स्थित मां शीतला मंदिर में लगभग 250 ज्योति कलश स्थापित होंगे। खास बात यह है कि मां दंतेश्वरी मंदिर में देश ही नहीं, बल्कि विदेशों से भी श्रद्धालु अपनी आस्था के अनुसार ज्योति प्रज्वलित करवाते हैं। अबू धाबी, जर्मनी और कनाडा जैसे देशों में रह रहे श्रद्धालु भी मंदिर से जुड़े रहते हैं और नवरात्रि में अपनी सहभागिता निभाते हैं। चैत्र नवरात्रि को लेकर पूरे खैरागढ़ में भक्ति और उत्साह का माहौल देखा जा रहा है।