जिस फोटोग्राफर ने कैद की थीं खुशियां, वही निकला बुजुर्ग दंपती का कातिल
छत्तीसगढ़ खबर डेस्क खबर 24×7 जांजगीर- चाँपा // मुलमुला के खपरी गांव में हुए रूह कंपा देने वाले बुजुर्ग दंपती हत्याकांड का पुलिस ने महज 48 घंटों के भीतर खुलासा कर दिया है। चौकाने वाली बात यह है कि इस पूरी वारदात का मास्टरमाइंड गांव का ही एक फोटोग्राफर निकला, जिसने चंद रुपए और जेवर के लालच में अपने तीन साथियों के साथ मिलकर इस नृशंस हत्या को अंजाम दिया। पुलिस स ने ने मुख्य आरोपी समेत चारों युवकों को गिरफ्तार कर लिया है।
आरोपी गिरफ्तार, जेवरात बरामदपुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से लूटा गया सोने का हार और चांदी की पायल बरामद कर ली है। गांव के ही परिचित द्वारा इस तरह की. वारदात को अंजाम देने से पूरे क्षेत्र में दहशत और आक्रोश का माहौल है। आरोपियों के खिलाफ हत्या और डकैती की धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है। |
फोटोग्राफर ही निकला कातिल
एसपी विजय कुमार पांडेय ने पत्रकार वार्ता में मामले का खुलासा करते हुए बताया 1 अप्रैल की सुबह 70 वर्षीय – पत्नी श्याम बाई साहू शव उनके घर – में खून से लथपथ मिले थे। जांच में पता चला कि मुख्य आरोपी सुरेंद्र यादव (फोटोग्राफर) ने 27 मार्च को प्रार्थी के घर में एक शादी समारोह के दौरान वीडियोग्राफी की थी। इसी दौरान उसने घर के कमरों, अलमारियों और सुरक्षा की पूरी रेकी कर ली थी। उसे आभास था कि घर में मोटी रकम और जेवरात रखे हुए है।

विरोध करने पर बेरहमी से उतारा मौत के घाट
31 मार्च की रात सुरेंद्र अपने तीन साथी गजेंद्र पाल, श्याम रतन दिनकर और विजेंद्र पाल के साथ छत के रास्ते घर में दाखिल हुआ। आहट पाकर बुजुर्ग संतराम साहू की नींद खुल गई। खुद को घिरता देख और पहचान उजागर होने के डर से आरोपियों ने धारदार हथियार से संतराम पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। उनकी पत्नी श्याम बाई बीच-बचाव करने आई, तो उनका भी गला रेत दिया। दोनों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।![]()
फॉरेंसिक सुराग और चोट के निशान से खुला राज
वारदात के बाद आरोपी जेवर लेकर फरार हो गए थे, लेकिन घटनास्थल पर फॉरेंसिक टीम को संघर्ष के निशान मिले। विशेषज्ञों ने संकेत दिया कि संघर्ष के दौरान किसी आरोपी को भी चोट लगी है। पुलिस ने जब गांव के संदिग्धों की जांच की, तो एक युवक के हाथ में गहरा कट मिला। कड़ाई से पूछताछ करने पर उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया और मास्टरमाइंड सुरेंद्र यादव का नाम उगला।


