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जंगल में कैंप लगाकर रुके थे नक्सली..हुआ मुठभेड़ तो भाग निकले..भरमार..पिस्टल व वॉकी-टॉकी जब्त

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छत्तीसगढ़ खबर डेस्क खबर 24×7 राजनांदगाव // गढ़चिरौली के वेडमपल्ली जंगल में पुलिस-नक्सली मुठभेड़ हो गई। पुलिस को भारी पड़ता देख नक्सली से मौके से भाग निकले। सर्चिंग में पुलिस ने घटनास्थल से बड़ी मात्रा में नक्सल सामग्री, विस्फोटक व बंदूकें जब्त की है। गढ़चिरौली पुलिस ने बताया कि वेडमपल्ली जंगल की ओर फोर्स सर्चिंग के लिए गई थी, जहां 20 से 25 की संख्या में नक्सली कैंप लगाकर रुके हुए थे। पुलिस जवानों को देख नक्सलियों ने गोलीबारी शुरु कर दी। जवानों की ओर से भी जवाबी कार्रवाई की गई।

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जवानों को भारी पड़ता देख नक्सली धीरे-धीरे भागने लगे। करीब आधे घंटे चली मुठभेड़ के बाद नक्सली जंगल का फायदा उठाकर भाग निकले। मौके से जवानों ने एक भरमार, पिस्टल, वॉकी-टॉकी, नक्सल साहित्य सहित दैनिक उपयोग का सामान जब्त किया है। इलाके में सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया गया है। मुठभेड़ में कुछ नक्सलियों के घायल होने की भी जानकारी पुलिस को लगी है। जिनकी पतासाजी आसपास के गांव में की जा रही है।

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खैरागढ़ में चैत्र नवरात्र की तैयारी पूरी, कल होगी ज्योति कलश स्थापना खैरागढ़। नगर सहित पूरे क्षेत्र के देवी मंदिरों में चैत्र नवरात्र को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। बुधवार से प्रारंभ हो रहे वासंती नवरात्रि के अवसर पर शहर के प्रमुख मां दंतेश्वरी माता मंदिर, मां शीतला मंदिर सहित सभी देवी मंदिरों में ज्योति कलश की स्थापना की जाएगी। मां दंतेश्वरी मंदिर के पुजारी डॉ. मंगलानंद झा ने बताया कि यह मंदिर खैरागढ़ का सबसे प्राचीन देवी मंदिर है, जहां हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु नवरात्रि के दौरान पहुंचते हैं। उन्होंने बताया कि चैत्र प्रतिपदा से हिंदू नववर्ष की भी शुरुआत होती है और इस बार विक्रम संवत 2083 का नाम ‘रुद्र’ संवत्सर रहेगा। उन्होंने नवरात्रि के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वर्ष में चार नवरात्रि होती हैं, लेकिन आश्विन और चैत्र नवरात्रि विशेष रूप से प्रमुख मानी जाती हैं। चैत्र नवरात्रि को वासंती नवरात्रि भी कहा जाता है। मुहूर्त को लेकर फैली भ्रांतियों पर उन्होंने स्पष्ट किया कि ज्योति प्रज्वलन का कोई विशेष मुहूर्त नहीं होता, बल्कि कलश स्थापना, नवग्रह, गौरी-गणेश, सप्तमातृका, षोडश मातृका और योगिनी की स्थापना के लिए निश्चित समय होता है। मां दंतेश्वरी मंदिर में दोपहर 12 बजे से 1 बजे के बीच विधिवत पूजा-अर्चना के साथ कलश स्थापना की जाएगी। इसके बाद शाम के समय श्रद्धालु अपने नाम से स्थापित ज्योति कलश प्रज्वलित करेंगे। मंदिर प्रबंधन के अनुसार मां दंतेश्वरी मंदिर में इस वर्ष करीब 330 ज्योति कलश स्थापित किए जाएंगे, जबकि इतवारी बाजार स्थित मां शीतला मंदिर में लगभग 250 ज्योति कलश स्थापित होंगे। खास बात यह है कि मां दंतेश्वरी मंदिर में देश ही नहीं, बल्कि विदेशों से भी श्रद्धालु अपनी आस्था के अनुसार ज्योति प्रज्वलित करवाते हैं। अबू धाबी, जर्मनी और कनाडा जैसे देशों में रह रहे श्रद्धालु भी मंदिर से जुड़े रहते हैं और नवरात्रि में अपनी सहभागिता निभाते हैं। चैत्र नवरात्रि को लेकर पूरे खैरागढ़ में भक्ति और उत्साह का माहौल देखा जा रहा है।