अतिक्रमण पर ग्रामीणों और सरपंच का विवाद, पंहुचा कलेक्टरेट तक
छत्तीसगढ़ खबर डेस्क खबर 24×7 खैरागढ़ // ग्राम अवेली में अतिक्रमण पर घमासान मचा हुआ है। ग्राम पंचायत में तालाब निर्माण को लेकर उपजा और वह विवाद अब कलेक्ट्रेट की चौखट भी तक पहुँच गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि सरपंच खुद 20 डिसमिल से अधिक सरकारी ज़मीन पर कब्ज़ा जमाए बैठा है, लेकिन ग्रामीणों को उनकी 20 साल पुरानी पुश्तैनी ज़मीन से बेदखल कर रहा है।
मामला तब बिगड़ा जब 17 तारीख को सीमांकन के दौरान सरपंच ने विरोध करने वाली महिलाओं से अभद्रता और ग्रामीणों के साथ हाथापाई की। ग्रामीणों की साफ़ मांग है कि नियम सबके लिए बराबर हों अगर सरपंच अपना कब्ज़ा हटाता है, तो ग्रामीण भी ज़मीन छोड़ने को तैयार हैं।
आवेदन के बाद फिलहाल कलेक्टर और तहसीलदार ने मामले की जांच के लिए CEO को निर्देश दिए हैं। हालांकि, ग्रामीणों का कहना है कि पहले भी शिकायत किया गया था जिसपर आश्वासन मिले थे, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है और अब फिर से आला अधिकारी आश्वासन का राग अलाप रहे है ऐसे में सवाल उठता है की क्या अधिकारी अतिक्रमण एक्शन लेना ही नहीं चाहते है?

ग्रामीणों ने बताया की ग्राम पंचायत अवेली के सरपंच श्रीमती दुर्गा बाई सेन पति भरतलाल सेन एवं उसके पुत्र नरेन्द्र सेन के द्वारा गांव के शासकीय भूमि लगभग 20 डिस्मील भूमि को अवैध कब्जा कर मकान निर्माण व बाड़ी बनाया गया है।![]()
वही अब पंचायत के माध्यम से गांव में पूर्वजों के द्वारा लगभग 20 वर्षों से शासकीय भूमि पर काबिज ईश्वरी लाल, महेश, धनेश तीनों के पिता हुकुम लाल साहू, कोमल पिता भिखारी, रामकुमार पिता नन्दू साडू शासकीय भूमि पर काबिज कोठार भूमि को अवैध कब्जा है करके वर्तमान सरपंच के पुत्र नरेन्द्र सेन द्वारा हटवाना बाह रहा है तथा उस शासकीय भूमि पर तालाब निर्माण करवाना चाहता है जो अनुचित है वह शासकीय भूमि आवासीय क्षेत्र है, जबकि ग्रामवासी नहीं चाहते है कि वह पर तालाब बने। ग्राम पंचायत के पंच भी नही चाहते है कि उस भूमि पर तालाब का निर्माण हो।
ग्रामवासियों का कहना है कि वर्तमान सरपंच के द्वारा 20 डिस्मील भूमि पर अवैध कब्जा किया है उसे खाली करे उसके बाद हम समस्त ग्रामवासीगण अपना कब्जा स्वयं हटा लेंगे।


