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शिव भक्ति की अनूठी मिसाल डाक बम कृष्णा दीदी कवर्धा से पहुंची गंडई, हुआ स्वागत, 40वी बार पूरी कर डाक बम यात्रा

A unique example of Shiva devotion, Dak Bam Krishna Didi reached Gandai from Kawardha, was welcomed, शिव भक्ति की अनूठी मिसाल डाक बम कृष्णा दीदी कवर्धा से पहुंची गंडई, हुआ स्वागत, 40वी बार पूरी कर डाक बम यात्रा
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छत्तीसगढ़ खबर डेस्क खबर 24×7 गंडई पंडरिया // सावन के इस पवित्र महीने में हर सनातनी के द्वारा और शिवालियों में शिव पूजा जारी रहती है, ऐसे में शिव भक्त भोले बाबा को खुश करने के लिए अलग-अलग तरीके अपनाते हैं।

कृष्णा दीदी 21 अगस्त को कवर्धा से राजनांदगांव जा रही थी इसी दौरान वह गंडई के तिरंगा चौक में सुबह 9 बजे जैसे पहुंची वैसे ही सनातनी, धर्म समुदाय के लोगों ने मुख्य चौक पर कृष्णा दीदी का पुष्पहार से स्वागत किया गया, कृष्णा दीदी 72 वर्ष बिहार के मुजफरपुर की रहने वाली रिटायर्ड शिक्षिका है।

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A unique example of Shiva devotion, Dak Bam Krishna Didi reached Gandai from Kawardha, was welcomed, शिव भक्ति की अनूठी मिसाल डाक बम कृष्णा दीदी कवर्धा से पहुंची गंडई, हुआ स्वागत, 40वी बार पूरी कर डाक बम यात्रा

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आपको बता दे की यह दीदी सुल्तान गंज से गंगा जल लेकर देवधर 108 किमी 24 घंटे के अंदर जल चढ़ाते हैं, उसे डाक बम कहा जाता है। कृष्णा बम 1982 से लगातार प्रति वर्ष 108 किलोमीटर दौड़ते हुए बाबा बैजनाथ में जल चढ़ाते आ रही हैं।

कृष्णा बम 108 किलोमीटर के यात्रा को पैदल 12 से 15 घंटे में दौड़ते,नाचते, गाते हुए तय कर लेती हैं। इसलिए उसे डाक बम भी कहते हैं।

स्वागत के दौरान संजू सिंह चंदेल, भिग्येश यादव, रणजीत सिंह चंदेल, श्यामपाल ताम्रकार, सूरज नामदेव, जैकी सिंघानिया, सूरज पांडे, धरमू पटेल, दिनेश शर्मा ,अशोक छबीलानी, ऋषि देवांगन, विनोद बघेल, संतोष यादव, विनोद नामदेव, महेंद्र साहू, भानु दीक्षित सहित धर्म प्रेमी उपस्थित रहे।


Rohit dewangan-gandai
रिपोर्ट : रोहित देवांगन, गंडई
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खैरागढ़ में चैत्र नवरात्र की तैयारी पूरी, कल होगी ज्योति कलश स्थापना खैरागढ़। नगर सहित पूरे क्षेत्र के देवी मंदिरों में चैत्र नवरात्र को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। बुधवार से प्रारंभ हो रहे वासंती नवरात्रि के अवसर पर शहर के प्रमुख मां दंतेश्वरी माता मंदिर, मां शीतला मंदिर सहित सभी देवी मंदिरों में ज्योति कलश की स्थापना की जाएगी। मां दंतेश्वरी मंदिर के पुजारी डॉ. मंगलानंद झा ने बताया कि यह मंदिर खैरागढ़ का सबसे प्राचीन देवी मंदिर है, जहां हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु नवरात्रि के दौरान पहुंचते हैं। उन्होंने बताया कि चैत्र प्रतिपदा से हिंदू नववर्ष की भी शुरुआत होती है और इस बार विक्रम संवत 2083 का नाम ‘रुद्र’ संवत्सर रहेगा। उन्होंने नवरात्रि के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वर्ष में चार नवरात्रि होती हैं, लेकिन आश्विन और चैत्र नवरात्रि विशेष रूप से प्रमुख मानी जाती हैं। चैत्र नवरात्रि को वासंती नवरात्रि भी कहा जाता है। मुहूर्त को लेकर फैली भ्रांतियों पर उन्होंने स्पष्ट किया कि ज्योति प्रज्वलन का कोई विशेष मुहूर्त नहीं होता, बल्कि कलश स्थापना, नवग्रह, गौरी-गणेश, सप्तमातृका, षोडश मातृका और योगिनी की स्थापना के लिए निश्चित समय होता है। मां दंतेश्वरी मंदिर में दोपहर 12 बजे से 1 बजे के बीच विधिवत पूजा-अर्चना के साथ कलश स्थापना की जाएगी। इसके बाद शाम के समय श्रद्धालु अपने नाम से स्थापित ज्योति कलश प्रज्वलित करेंगे। मंदिर प्रबंधन के अनुसार मां दंतेश्वरी मंदिर में इस वर्ष करीब 330 ज्योति कलश स्थापित किए जाएंगे, जबकि इतवारी बाजार स्थित मां शीतला मंदिर में लगभग 250 ज्योति कलश स्थापित होंगे। खास बात यह है कि मां दंतेश्वरी मंदिर में देश ही नहीं, बल्कि विदेशों से भी श्रद्धालु अपनी आस्था के अनुसार ज्योति प्रज्वलित करवाते हैं। अबू धाबी, जर्मनी और कनाडा जैसे देशों में रह रहे श्रद्धालु भी मंदिर से जुड़े रहते हैं और नवरात्रि में अपनी सहभागिता निभाते हैं। चैत्र नवरात्रि को लेकर पूरे खैरागढ़ में भक्ति और उत्साह का माहौल देखा जा रहा है।